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अवैध प्रसव केंद्रों पर नहीं लग सकी लगाम

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नोटिस के बाद भी चल रहा अवैध प्रसव केंद्रण् - फोटो : अमर उजाला
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एटा। झोलाछाप मौज में हैं और विभाग मौन। शहर में जिंदगी से हो रहे खिलवाड़ को रोकने में विभाग की मिली भगत सामने आ रही है। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की शह पर अवैध प्रसव केंद्र और खून का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है।
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शहर के शिकोहाबाद रोड पर फर्जी और अवैध प्रसव केंद्र संचालित हो रहा है। एक छोटी से दुकान के दूसरे तल पर चल रहे प्रसव केंद्र में रोज दो से तीन प्रसव खुलेआम होते हैं। बताया जाता है कि केंद्र पर जीएनएम अवैध रूप से प्रसव करती हैं। साथ ही यहां खून चढ़ाने का काम भी होता है। केंद्र पर मरीजों की भीड़ रहती है, लेकिन विभागीय अफसरों को यह भीड़ नजर नहीं आती। बताया जाता है कि प्रसव केन्द्र संचालक एक निजी चिकित्सक के यहां कंपाउंडर था। वहां से नौकरी छूटने के बाद उसने प्रसव केंद्र खोल लिया है। शहर में बढ़ती अवैध प्रसव केंद्रों की तादाद बड़ी अनहोनी की ओर इशारा कर रही है।
नोटिस के बाद खोल लिया क्लीनिक
शिकोहाबाद रोड पर झोलाछापों के हौसले बुलंद हैं। एक झोलाछाप ने नोटिस के बाद भी क्लीनिक खोल लिया है। कासगंज जिले के एक विधायक की शह पर झोलाछाप खुलेआम मरीजों की जिंदगी से खेल रहा है। ऐसे में भाजपा सरकार की नीतियों की धज्जियां उड़ रही हैं।
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