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टूटी राहों से निकली अटलजी की कलश यात्रा

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एटा। ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्या डरूं’ अपनी इन पंक्तियों के माध्यम से देश-दुनिया को साहस का पाठ पढ़ाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर पूरा देश श्रद्धानवत है। हालांकि जिला प्रशासन ने शनिवार को अस्थि कलश यात्रा के लिए तैयारियां नहीं की। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा शहर के टूटे मार्गों से होकर गुजरी। आलम यह रहा कि अस्थि कलश वाहन के हिचकोले खाने से वाहन में रखा अस्थि कलश बार-बार हिलता रहा। इस दौरान वाहन में सवार सांसद और राज्य सरकार के मंत्री अस्थि कलश को संभालते नजर आए।


पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थि कलश यात्रा शनिवार को शहर भर में घूमी। इस दौरान अटलजी को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। पुष्पांजलि के माध्यम से श्रद्धा से झुकने वाले सिर प्रशासन की बदइंतजामी पर आक्रोश जताते दिखे। शहर के ठंडी सड़क, नन्नूमल चौराहा, मेहता पार्क, कैलाश गंज रोड पर जर्जर मार्ग पर यात्रा को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रा में सबसे आगे पैदल चल रहे विधायक विपिन वर्मा डेविड और अन्य लोग मेहता पार्क से कीचड़ से होकर गुजरे।
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हालात यह रहे कि यात्रा के दौरान अस्थि कलश वाहन में बैठे नेता और मंत्री बार-बार अस्थि कलश को संभालते दिखे। यूं तो पूर्व प्रधानमंत्री जिले में कई बार आए, लेकिन अपने अंतिम सफर पर अस्थियों के रूप में आए अटलजी को श्रद्धांजलि के रूप में दुरुस्त सड़क और सफाई युक्त वातावरण देने में पालिका-प्रशासन पूरी तरह से नाकाम दिखा।
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संस्कार मानव सेवा ने जताया विरोध
अस्थि कलश यात्रा के दौरान टूटी सड़कों और गंदगी को लेकर संस्कार मानव सेवा समिति ने विरोध जताया। अमित चौहान ने कहा कि प्रशासन कम से कम मार्गों पर सफाई और चूना तो डलवा ही सकता था। रोहित जैन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के प्रति प्रशासन का रवैये से साफ है कि महान नेता के निधन से भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ता।
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