वृंदावन (मथुरा)। नगर के राधा निवास स्थित चैतन्य गौड़ीय मठ के एक साधु की शिकायत पर पुलिस ने चार साधुओं को बांग्लादेशी होने के शक पर हिरासत में लिया है। पुलिस, आर्मी इंटेलीजेंस, आईबी, स्पेशल इंटेलीजेंस और एलआईयू ने साधुओं से पूछताछ के साथ पड़ताल की तो वह पश्चिम बंगाल के मूल निवासी निकले। देर शाम चारों साधुओं और उनसे मिलने आए एक अन्य साधु को छोड़ दिया गया।
गौड़ीय मठ के अमियदास ब्रह्मचारी उर्फ अमेंद्रनाथ भौमिक ने वृंदावन पुलिस को लिखित शिकायत देकर भक्ति उज्ज्वलराधान्ति उर्फ रविकांत को दिनेशपुर बांग्लादेश निवासी बताते हुए तीन अन्य पर भी बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया। पुलिस ने भक्ति उज्ज्वलराधान्ति उर्फ रविकांत, कमल सरकार, जगन्नाथ उर्फ जगदीश मंडल, राधा गोविंददास उर्फ रसमय विश्वास को हिरासत में ले लिया।
सूचना पर आर्मी इंटेलीजेंस, आईबी, स्पेशल इंटेलीजेंस और एलआईयू ने भी जांच शुरू की। पड़ताल में सामने आया कि भक्ति उज्ज्वलराधान्ति उर्फ रविकांत दीनहाता जिला कूंचबिहार पश्चिम बंगाल के मूल निवासी निकले, जो 20 वर्ष से वृंदावन में गौड़ीय मठ में भजन कर रहे हैं। अन्य तीन साधु भी पश्चिम बंगाल के उत्तर परगना, चौबीस परगना और हावड़ा के मूल निवासी पाए गए।
कोतवाली प्रभारी सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि संतों ने पुलिस को भारतीय होने के प्रमाण देते हुए मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड भी उपलब्ध कराए। इधर, संतों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेेने की सूचना पर इमलीतला आश्रम के महंत तमालकृष्णदास, महंत फूलडोल बिहारीदास, महंत रामस्वरूपदास और पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ कोतवाली पहुंचे।