तिरंगा यात्रा को लेकर हुए विवाद और हिंसा की घटना में हत्या का शिकार हुए अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन के मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल वसीम व दो अन्य आरोपी असीम कुरैशी एवं आसिफ उर्फ हिटलर की ओर से अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 3 विजेश कुमार सिंह के न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। जिन्हें बहस सुनने के उपरांत अपराध को गंभीर मानते हुए निरस्त किया गया।
26 जनवरी को तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल था। तभी तहसील रोड पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के सामने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। चंदन के पिता सुशील गुप्ता ने सलीम, वसीम व नसीम पुत्रगण बरकत उल्लाह उर्फ बरकी, असीम कुरैशी, आशिफ कुरैशी उर्फ हिटलर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में आरोपी जेल में बंद हैं। वसीम को पुलिस ने 7 फरवरी को गिरफ्तार करके जेल भेजा। हत्याकांड के आरोपी वसीम, असीम कुरैशी एवं आसिफ उर्फ हिटलर ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। आरोपियों के अधिवक्ताओं ने जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस के दौरान सभी को निर्दोष बताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि उन्हें पुलिस के द्वारा झूठा फंसाया गया है। आरोपी वसीम के संबंध में बताया गया कि घटना के समय वह 40 दिन की जमात पर था। जिस समय यह घटना घटी उस समय वह मरकस वाली मस्जिद सिकंदराराऊ जनपद हाथरस में मौजूद था।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेश चंद्र गोला ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों ने इस जघन्य वारदात को अंजाम देेते हुए चंदन को हत्या का शिकार बनाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान भी किया गया। देश विरोधी नारे भी लगाए गए।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत अपर सत्र न्यायाधीश विजेश कुमार सिंह ने तीनों ही आरोपियों के अलग-अलग प्रस्तुत किए गए जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। उन्होंने इस मामले को गंभीर माना।