इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) द्वारा वेतन में दो फीसदी की ‘मामूली’ बढ़ोतरी के खिलाफ जनपद की सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल रही। हड़ताल के चलते 51 बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। इससे लगभग 200 करोड़ रुपये का टर्न ओवर प्रभावित हो गया।
ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन व शासन के बीच वार्ता विफल हो जाने के बाद जनपद की एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, यूको बैंक आदि की 51 राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं के सैकड़ों कर्मी हड़ताल में शामिल रहे।
हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। हड़ताल से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक की नेट बैंकिंग, आरटीजीएस, एनईएफटी सेवाएं भी प्रभावित रहीं। उपभोक्ता विमला ने बताया कि उसे अपनी बेटी के इलाज के लिए धन निकालना था। उसे पहले से हड़ताल की जानकारी नहीं थी। बैंक बंद रहने से उसे काफी दिक्कत हो रही है। एसबीआई शाखाओं के संयोजक आरके सिंह ने बताया कि जनपद में अकेले एसबीआई शाखाओं में ही 100 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ा है।
अटक गए सैकड़ों चेक
कासगंज। बैंक शाखाओं में प्रतिदिन क्लियरेंस के लिए सैकड़ों चेक लगाए जाते है। एक दिन पहले जिन लोगों ने दूसरी बैंक शाखाओं के चैक अपने खाते में लगाए वे भी अटक गए। अब ये चैक हड़ताल समाप्त होने के बाद ही बैंक शाखाओं में भेजे जा सकेंगे। इसके बाद ही इनका भुगतान खाते में आ सकेगा।
एटीएम पर लटके रहे ताले
जनपद में विभिन्न बैंक शाखाओं के लगभग 100 एटीएम संचालित होते हैं। बैंकों की हड़ताल का असर एटीएम पर भी देखा गया। एटीएम पर ताले लटके रहे, जिससे कार्ड धारक एटीएम से भी धन की निकासी नहीं कर सके। कार्ड धारक राकेश ने बताया कि उसे आवश्यक कार्य से बाहर जाना है, लेकिन एटीएम बंद रहने से वह धन की निकासी नहीं कर पा रहा, जिससे उसे अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ेगा।