मथुरा। भगवान कृष्ण के गांव गोकुल को सजाया संवारा जाएगा। शासन ने 10 करोड़ का बजट इसके लिए तय किया है। गोकुल के पास रसखान की समाधि स्थल को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाना है। नंदभवन के पास के यमुना घाट भी बनाए जाएंगे। नंद भवन तक की सड़क और गली को दुरुस्त किया जाएगा।
भगवान कृष्ण का गांव गोकुल विकास के मामले में सबसे पिछड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि जो घाट बने हुए थे वह भी खत्म होने लगे हैं। मथुरा से गोकुल तक कोई बस नहीं चलती। न पानी की कोई व्यवस्था है और न ही चिकित्सा की। जबकि हर रोज हजारों कृष्ण भक्त गोकुल में दर्शन को पहुंचते हैं। लेकिन अब तीर्थ स्थल घोषित होने के बाद गोकुल का विकास सरकार की प्राथमिकता में आ गया है।
सरकार ने 10 करोड़ का बजट गोकुल के लिए तय कर दिया है। गोकुल में नंद भवन मंदिर तक जाने वाली सड़क को दुरुस्त किया जाएगा। गोकुल में प्रवेश द्वार को भी बेहतर किया जाएगा। कुछ इस तरह के बोर्ड लगाए जाएंगे जिन पर भगवान की लीलाएं प्रदर्शित होंगी। नंद भवन के पास जो यमुना जी के घाट हैं उन्हें भी संवारा जाएगा।
यहां होने वाले विकास की निगरानी ब्रज तीर्थ विकास बोर्ड करेगा। यहां कराए जाने वाले कार्यों का मानचित्र तैयार कर लिया गया है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर बजट भी जारी कर दिया जाएगा। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप ने बताया कि शासन स्तर से जल्द ही बजट जारी हो जाएगा। बजट मिलते ही विकास के काम शुरू करा दिए जाएंगे।