एटा। शासन स्तर से चालू की गई ई-एफआईआर योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। साल बीत जाने के बाद जिले में महज छह ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। प्रचार प्रचार के अभाव में यह योजना कारगर साबित नहीं हो पा रही। जानकारी के अभाव में लोग रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर काट रहे हैं।
थानों पर पहुंचने वाले लोगों की सुनवाई न करने जैसी शिकायतों को लेकर शासन स्तर से पिछले साल ई-एफआईआर योजना संचालित की थी। इसमें पीड़ित व्यक्ति अपनी एफआईआर घर बैठकर दर्ज करा सकता है। यह योजना जिले में लोगों के लिए कारगर साबित नहीं हो पा रही है। प्रचार प्रसार के अभाव में लोगाें को इसके बार में जानकारी नहीं है।
जिसके चलते वर्तमान समय में लोग अपनी छोटी सी समस्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर काट रहे हैं। इस योजना में दो माध्यमों से रिपोर्ट दर्ज होने का प्रावधान है। पहला अपने लॉगिन अकाउंट और दूसरा व्हाट्सएप से रिपोर्ट दर्ज कराने का विकल्प है। जिले में संचालित इस योजना में साल भर में महज छह ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। जिनमें दो मामले व्हाट्सएप और चार लॉगिन अकाउंट के माध्यम से दर्ज कराए गए हैं।
ऐसे घर बैठे दर्ज कराएं रिपोर्ट
एटा। घर बैठे अपनी समस्या की रिपोर्ट दर्ज कराना बहुत आसान है। कोतवाली नगर में तैनात विकासपाल ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति अपने लॉगिन खाते से पुलिस की वेबसाइट पर जाकर ई-एफआईआर वाले विकल्प पर क्लिक करके रिपोर्ट दर्ज करा सकते है। इस तरह से दर्ज होने वाली रिपोर्ट सीधे लखनऊ में दर्ज होगी। जहां से रिपोर्ट की नकल संबंधित थाने को भेज दी जाती है।
इनकी होगी रिपोर्ट दर्ज
ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने वाली योजना में शासन स्तर से केवल सामान्य अपराध की रिपोर्ट दर्ज होना रखा है। जिसमें साधारण चोरी, वाहन चोरी के मामले ही दर्ज कराए जा सकते है।