एटा। एक बार फिर उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आया। टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी हो अथवा नई योजना की सौगात। सारे अरमान खाक हो गए। किसान जहां लागत का डेढ़ गुना लाभ मिलने से राहत में दिखे तो मध्यम वर्ग की बजट में महंगाई से राहत मिलने की आस टूटती नजर आई। केंद्र सरकार के आम बजट को लेकर पूरे दिन लोगों की निगाहें टीवी के आगे चिपकी रहीं। लोग बजट को लेेकर असंतुष्ट नजर आए।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को आम बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने तमाम घोषणाएं कीं। जिले में पूरे दिन लोगों की निगाहें टीवी के आगे टिकी रहीं। इस दौरान लोगों ने बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा की। महंगाई और समस्याओं से राहत मिलने की आस लगाए मध्यम वर्ग को बजट से कुछ खास न मिला। लोगों ने टीवी, मोबाइल, लैपटॉप, सब्जियों, सोना-चांदी, जूते-चप्पलों के महंगा होने पर निराशा जताई। साथ ही आयकर सीमा में बढ़ोतरी नहीं होने पर भी मायूसी दिखी। व्यापारियों ने भी बजट में जीएसटी में प्रावधानों में राहत मिलने पर नाराजगी जताई। जबकि किसानों ने बजट को अच्छा बताते हुए वादे पूरे होने की उम्मीद की है। महिलाओं के लिए बजट में खास प्रावधान नहीं होने से आधी आबादी निराश होती दिखी। लोगों का कहना था कि मध्यम वर्ग से बजट को दूर कर दिया गया। जरूरत की चीजों पर टैक्स लगाकर परेशानी बढ़ाई गई है। बजट से जिस तरह से उम्मीद लगाई थी, वह उम्मीद पूरी नहीं हुई है।