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अअवैध खनन से बनी 30 फीट ऊंची मिट्टी की ढाय

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अवैध खनन से बनी 30 फीट ऊंची मिट्टी की ढाय - फोटो : अमर उजाला
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एटा/मिरहची। नगला कन्हई में मिट्टी की ढाय गिरने और उसमें दबकर दो बच्चियों की मौत के पीछे खनन माफिया जिम्मेदार हैं। जेसीबी से हुए खनन के बाद मिट्टी की करीब 30 फीट की पहाड़ी सी बन गई है, जो बालिकाओं पर मौत का सबब बनी।
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जिले भर में खनन माफिया पुलिस प्रशासन पर पूरी तरह से हाबी होते जा रहे है। खनन करने वालों ने जमीन से इतना खनन किया है कि उस जगह को पहाड़ी नुमा बना दिया है। गुरुवार को मिरहची के नगला कन्हई में हुआ मिट्टी की ढाय गिरने का हादसा भी खनन माफियाओं का ही कारण रहा है। जेसीबी से हुए खनन के चलते घटना स्थल के आस पास मिट्टी की ऊंची सी पहाड़ियां बन गई हैं। जिस जगह पर मासूम दबीं थी उस जगह से काफी मिट्टी का कटान किया गया। गुरुवार को उन दो मासूम बालिकाओं पर मौत बनकर टूट गई। वही घटना के बाद ग्रामीण खनन के चलते हुए हादसे पर खनन माफिया का नाम बताने से झिझकते हुए देखे गए।
पहले भी हो चुकी है घटनाएं
एटा। जिले में मिट्टी खोदते वक्त बच्चों के दबने की घटनाएं पहले भी हो चुकी है। इसमें वर्ष 2013 में बागवाला थाना क्षेत्र में ढाय गिरने से भाई बहन की मौत, थाना अलीगंज क्षेत्र में इसी साल ढाय ढहने से एक बालिका की मौत और पिलुआ क्षेत्र में खनन वाले गड्ढे से मिट्टी खोदते वक्त महिला की वर्ष 2015 में मौत हो गई थी। इस तरह से मिट्टी की ढाय में दबकर मासूम बच्चे अकाल मौत का निवाला बनते जा रहे है।
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नहीं मानी मेरी बात ....
रजनी और शिवानी के साथ भावना पुत्री पूरन सिंह, शालू पुत्री रामपाल और नेहा पुत्री अमित भी मिट्टी लेने गई थी। घटना के बाद भावना ने बताया कि जब एक तरफ मिट्टी गिरी थी। तभी मैंने सभी से बाहर निकलने के लिए कहा था। मगर रजनी और शिवानी ने मेरी बात नहीं मानी। अगर वह मेरे साथ ही बाहर निकल आती तो हमारे साथ होती।
अपनी छोटी बहन को भी नहीं देख पाई शिवानी
हादसे की शिकार हुई शिवानी के 20 दिन पहले एक छोटी बहन भी हुई। क्योंकि प्रसव के लिए मां अपने मायके निधोली कलां के गुलाबपुर चली गई थी। इसलिए अभी लौटकर भी नहीं आई थी। उससे पहले ही हादसा हो गया और शिवानी मौत की शिकार हो गई। हादसे की जानकारी होने पर देर शाम शिवानी की मां अपने घर पहुंची।
घटना स्थल पर पहुंची तीन जेसीबी
ढाय दोपहर करीब डेढ़ बजे गिर गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनो बालिकाओं को तो फावड़े से ही मिट्टी हटाकर निकाल लिया था। क्योंकि मौके पर चार पांच परात देखी गई तो लोगों ने अंदाजा लगाया कि शायद मिट्टी में ओर भी किशोरी दबी हुई है, जिसको लेकर करीब ढ़ाई बजे जेसीबी पहुंची। अभी वह खुदाई कर ही रही थी कि उसका पाइप फट गया और काम करना बंद कर दिया। इसके बाद दूसरी जेसीबी बुलाई गई,जिसने खुदाई को अंतिम रुप दिया। हालांकि प्रशासन ने मौके की नजाकत को देखते हुए तीसरी जेसीबी को भी एटा नगर पालिका से बुला लिया था। मगर उसकी जरुरत नहीं पड़ी।
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दोनों की परिवार आर्थिक रुप से बेहद कमजोर है। इसलिए रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री राहत कोष से अधिक से अधिक राहत दिलाए जाने की कोशिश की जाएगी।
महेश चंद्र शर्मा, एडीएम - वित्त एंव राजस्व
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