मथुरा। भीड़ के साथ कलक्ट्रेट में घुसने की कोशिश कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान पुलिस वालों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। कुछ ही देर बाद सभी को रिहा कर दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि सांकेतिक गिरफ्तारी की गई थी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन पिछले दो माह से चल रहा है। कलक्ट्रेट पर हर रोज धरना प्रदर्शन हो रहा है। पुतले फूंके जा रहे हैं। मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने पहले कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और फिर कलक्ट्रेट में दाखिल होने की कोशिश की। पुलिस ने रोका तो उनसे भिड़ गईं। इसके बाद जमकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने पर सदर, कोतवाली, गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ सिटी प्रीति सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट बसंत अग्रवाल भी पहुंच गए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को देख डीएम परिसर का गेट पुलिसकर्मियों ने बंद कर दिया और आंगनबाड़ियों को समझाया। इससे कार्यकर्ता गुस्सा गईं। उनकी पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई। जिसके बाद वे गिरफ्तारी देने पर अड़ी रही। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ियों को गिरफ्तार कर कुछ ही देर बाद रिहा कर दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष शशिप्रभा, उपाध्यक्ष सत्यवती तोमर, शहर अध्यक्ष तारा शर्मा, पुष्पा, सुधा, ललिता, विनीता, मोनिका, रजनी शर्मा, रीनेश, सत्यवती सहित राया, बलदेव, मांट ब्लाक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साथ रही।
‘आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सांकेतिक गिरफ्तारी का कार्यक्रम था, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आई थीं। उनकी संाकेतिक गिरफ्तारी की गई, बाद में सभी को रिहा कर दिया गया’
बसंत अग्रवाल, सिटी मजिस्ट्रेट