एटा। दशक का सबसे छोटा शिक्षा सत्र मात्र सात महीने का होगा। जुलाई से शुरू माध्यमिक सत्र की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 दिसंबर से प्रस्तावित हैं। इतना ही नहीं इस बार विभाग के निर्धारित कार्य दिवस भी पूरे नहीं हो सकेंगे।
एक अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाला शिक्षा सत्र में बदलाव कर इस बार एक जुलाई से शुरू किया गया। जबकि परीक्षाएं अन्य वर्षों की तुलना में एक माह पहले ही शुरू की जा रही हैं। बोर्ड परीक्षाएं छह फरवरी से प्रस्तावित हैं।
जुलाई से श्ुारू हुआ शिक्षा सत्र 31 दिसंबर तक चल पा रहा है। जनवरी माह में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के साथ वार्षिक गृह परीक्षाएं भी कराई जाएंगी। ऐसे में 220 कार्यदिवस वाला शिक्षा सत्र 150 तक भी नहीं पहुंच पा रहा। शिक्षाविद इसे अभी तक का सबसे छोटा शिक्षा सत्र बता रहे हैं।
एक जुलाई से 31 दिसंबर तक मात्र 142 कार्यदिवस पूरे हाेंगे। 30 नवंबर तक मात्र 118 दिन ही स्कूल खुले हैं। इनमें शुल्क दिवस एवं अंतिम कार्यदिवस भी शामिल हैं। जबकि शैक्षिक कलेंडर के अनुसार शिक्षा सत्र में 220 कार्यदिवसों का मानक निर्धारित है। ऐसे में शिक्षा सत्र 2017-18 सबसे छोटा सत्र होगा।
- डॉ रामनिवास यादव, निदेशक, श्रीराम बाल भारती इंटर कॉलेज