मथुरा। करोड़ों की लागत से रेलवे लाइनों के नीचे से ग्रामीणों के गुजरने के लिए बनाए गए अंडरपास अब मुसीबत बन गए हैं। इंजीनियरों की गलती से बनाए गए अंडरपास में दो से तीन मीटर तक पानी भर गया है। करोड़ों खर्च के बाद भी ग्रामीण रेल लाइनों से होकर गुजर रहे हैं।
मथुरा से अछनेरा सेक्शन और मथुरा कासगंज रेल लाइन पर ग्रामीणों के गुजरने के लिए बने रास्तों पर रेलवे ने मानव रहित फाटक खत्म कर दिए हैं। इन फाटकों के नीचे से पांच और 5.50 मीटर गहराई में अंडरपास बनाए हैं। अंडरपास बनाने में रेलवे इंजीनियरों को बरसात में पानी निकासी के लिए गहरी बोरिंग करनी थी, लेकिन ज्यादातर में रेलवे इंजीनियरों ने गहरी बोरिंग नहीं की और करोड़ों की लागत से अंडरपास बना डाले। अब हालात यह है कि ज्यादातर अंडरपास में पानी भरा हुआ है और ग्रामीण जान हथेली पर रखकर रेलवे लाइनों के ऊपर से गुजर रहे हैं। सबसे ज्यादा हालात मथुरा अछनेरा सेक्शन पर खराब हैं। धाना समशाबाद के निकट छह माह पूर्व बने अंडरपास में अपने आप ही पानी भर गया है, इससे गांव गढ़ी बेरी, धर्मपुरा, जिरौली, ओल, मिर्जपुर सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवाें का रास्ता रुक गया है।
वाणिज्य प्रबंधक आगरा मंडल डॉ. संचित त्यागी का कहना है कि इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी।