फिरोजाबाद। श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव द्वारा सोमवार रात रामलीला मैदान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ समिति अध्यक्ष डा. दिलीप यादव ने मां सरस्वती के चित्र द्वीप प्रज्जवलन और माल्यार्पण कर किया।
कवि सुरेंद्र सार्थक ने रचना सुनाई पत्नी ने गहनों को देखा एक बार बस गौने पर, गिरवी किसी सेठ के घर है बेटा शहर पढ़ाने को। यूं तो इसकी बेटी भी पढ़ने की इच्छा रखती है, पर उसको जाना पड़ता है बकरी रोज चराने को।
नीलम कश्यप ने कहा तेरे भइया पे कंगना गढ़ाय लूंगी, आज रतिया में उनको मनाय लूंगी। कवि यशपाल यश ने रचना पढ़ी जाके दुश्मन दरिंदो के घर बोल दो, जंग जीतेंगे हम हो निडर बोल दो। उसको लाहौर तक घुस के मारेंगे हम, आप तो बस परिंदों के पर खोल दो।
कलाम भारती ने पढ़ा वंदे मातरम जिन्हें बोलने से परहेज, ऐसे देश द्रोहियों की गर्दन उतार दो। भूषण रागी ने कहा आग में झुलसा अगर कुरान का पन्ना कोई, तो सूर र्मारा का भंजन जल जाएगा। कवि सम्मेलन में कवि प्रियंका राय, बलराम सरस, विनोद राज रोगी, विजय भारद्वाज, स्वींद्र शर्मा ने रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।