फिरोजाबाद। समायोजित शिक्षकों के लखनऊ में आंदोलन से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों विद्यालय खुलवाने की पहल नहीं कर रहे। जिले में दर्जनों स्कूल बंद पडे़ हैं।
वहीं, स्थाई शिक्षक आंदोलन और शिक्षाधिकारियों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए स्कूलों में नहीं पहुंच रहे। जबकि शिक्षाधिकारी एक भी स्कूल बंद नहीं होने का दावा कर रहे हैं। जिले के करीब 180 परिषदीय स्कूलों में ताला लटका है। अधिकांश स्कूलों में शिक्षा प्रभावित हो रही है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में न तो समायोजित शिक्षक हैं और न हीं शिक्षामित्र।
यहां व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए, लेकिन स्थाई शिक्षक विद्यालयों में लापरवाही के कारण नहीं पहुंच रहे। समायोजित शिक्षकों का सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन निरस्त कर ही दिया है। इसलिए समायोजित शिक्षक धरने में जा रहे हैं।
वहीं, गुरुजी इसका फायदा उठा रहे हैं। स्कूल में एक शिक्षक रुकता है, बाकि जल्द ही निकल जाते हैं। अधिकारी कार्यालय में बैठे हैं और निरीक्षण पूरी तरह बंद पडे़ हैं।
नगर क्षेत्र का बुराहाल
नगर क्षेत्र में आठ विद्यालय बंद है, लेकिन अधिकांश स्कूलों में शिक्षक जल्द चले जाते है। क्योंकि करीब एक साल से नगर शिक्षाधिकारी कार्यालय में बैठे ही नहीं है। बीएसए से कई बार लोगों ने शिकायत की है, लेकिन उनकी ओर से कोई पहल नहीं की गई है।