मथुरा। शनिवार को फिर शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए। बीएसए आफिस से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर न केवल अपनी ताकत दिखाई बल्कि आगरा मार्ग को चार घंटे तक ठप करके यह भी जता दिया कि उन्हें कोई कमजोर नहीं समझे। इस दौरान शिक्षामित्रों को समझाने के लिए कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा पहुंचे और उन्हें भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ है।
जिले भर के शिक्षामित्र सुबह को बेसिक शिक्षा अधिकारी के आफिस पर पहुंचे। यहां प्रदर्शन किया गया। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। जहां से भी जुलूस निकला रास्ता जाम होता चला गया। वाहनों की कतारें लग गईं। सभी शिक्षामित्र दोपहर को करीब बारह बजे कलक्ट्रेट पर पहुंच गए। यहां कचहरी के सामने दोपहर सवा बजे आगरा-मथुरा मार्ग को जाम कर दिया। शिक्षामित्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। शिक्षामित्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वह आंदोलन करते रहेंगे। जाम लगाए बैठे शिक्षामित्रों के बीच एक रेखा नाम की शिक्षामित्र बेहोश हो गईं। रेखा को तत्काल सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी से अस्पताल भिजवाया गया।
यहां शिक्षामित्रों ने मांग शुरू कर दी कि वह कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा से मिलेंगे। जब तक मंत्री उनके बीच नहीं पहुंचेंगे वह यहां से जाएंगे नहीं। शाम को करीब चार बजे श्रीकांत शर्मा शिक्षामित्रों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाया। मंत्री ने कहा कि सरकार उनके साथ है। कोई न कोई रास्ता निकाल ही लिया जाएगा। इस दौरान दुष्यंत सारस्वत, खेमचंद चौधरी, गिरधारी लाल शर्मा, राजकुमार चौधरी, मुकेश उपाध्याय, पंकज निषाद, हरिओम, शिवशंकर, वाणी, ऊषा वर्मा, सविता चौधरी, अनीता, शीतल, साजिद, मुंसिफ अली, प्रीति, अल्का, नीलम, रेखा और हरीश मौजूद रहे।
सड़क पर गूंजे देश भक्ति के तराने
शिक्षामित्रों के प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट और कचहरी के बीच सड़क पर देश भक्ति के तराने गूंजे। कभी गांधी का प्रिय भजन गाया गया तो कभी भारत माता और वंदे मातरम की गूंज सुनाई दी।
अधिवक्ता और शिक्षामित्रों में तनातनी
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के बार एसोसिएशन में आगमन के दौरान शिक्षामित्रों द्वारा जाम और प्रदर्शन करने से अधिवक्ता नाराज हो गए। अधिवक्ताओं ने कहा ऊर्जा मंत्री उनके कार्यक्रम में आ रहे हैं इसमें रुकावट पैदा न करें। इसे लेकर एक बार को तनातनी हो गई थी। बाद में शिक्षामित्रों ने कहा कि हमारा शांतिपूर्वक आंदोलन है। हमारा मकसद किसी को परेशान करना नहीं है।