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रठेरा और अंजनी ने दिए हैं 315 सैनिक

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ARMY - फोटो : BBC
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मैनपुरी। जिले के युवाओं में देश सेवा को जज्बा हमेशा से रहा है। गांव रठेरा और अंजनी से सीमा की रक्षा के लिए 315 सैनिक दिए हैं। कई परिवार ऐसे हैं जिनकी तीन पीढ़ियां देश सेवा करने का जज्बा पाले हुए हैं। इन परिवारों के कई युवा अभी भी सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं। सीमा पर तैनात सैनिक युवाओं के आदर्श हैं।
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कुरावली रोड पर बसे गंाव अंजनी की आबादी लगभग 6000 तथा सिरसागंज रोड पर बसे गांव रठेरा की आबादी लगभग 11000 है। इन गांवों के हर दूसरे परिवार से एक न एक युवा सेना की नौकरी में जरुर है। कई परिवारों में तो तीन पीढ़ियों तक सेना की नौकरी की जा रही है।

आज भी इन परिवारों के युवा सेना की नौकरी में जाने की तैयारी कर रहे हैं। सेना की नौकरी से अवकाश लेकर घर आ चुके पूर्व सैनिकों के अनुभव युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करते हैं। यही बजह है कि युवा भर्ती की प्राथमिकता वाली दौड़ के लिए महीनों से तैयारी करते हैं।
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पूरा परिवार सेना की नौकरी में

अंजनी निवासी सोरन सिंह यादव तथा उनके चाचा मातादीन सेना से अवकाश ले चुके हैं। मातादीन ने 1971 में बंगलादेश से हुए युद्ध में भाग लिया था। उनके छोटे भाई राकेशचंद्र, उनके पुत्र अरविंद तथा योगेंद्र, उनके भतीजे दीपक तथा नवदीप सेना में नौकरी करते हैं। सोरन सिंह 1979 में सेना में भर्ती हुए थे। 1976-77 में सोरन सिंह दौड़ में मंडल चैंपियन रहे हैं। वह अपने परिवार के युवाओं को को सेना में जाने की तैयारी कराते हैं।

ससुराल के साथ मायके पर भी नाज

अंजनी निवासी सोरन सिंह की पत्नी सुदामा देवी का ग्राम नावर अलीगंज एटा में मायका है। उनको ससुराल के साथ ही मायके पर भी नाज है। उनके पिता विश्राम सिंह पूर्व सैनिक हैं। भाई रवींद्र, नगेंद्र, धर्मेंद्र, नगेंद्र के दो तथा धर्मेंद्र का एक पुत्र सेना में नौकरी करते हैं। छोटी बहिन श्यामादेवी के पति अजयवीर, पुत्र दीपेंद्र निवासी नखतपुर एटा, कुसुमादेवी के पति झब्बूलाल निवासी नगला भबूती जैथरा एटा भी सेना में नौकरी करते हैं।

तीन पीढ़ियां कर रही सेना में नौकरी

अंजनी निवासी तेजराम यादव की तीन पीढ़ियां सेना में नौकरी कर रही हैं। उनके दो पुत्र और एक भतीजा, गांव के झब्बूसिंह यादव, उनके भाई आराम सिंह, भतीजा रामनिवास, दयाराम, रामनिवास का पुत्र टिंकू सेना में नौकरी कर रहे हैं। केशवसिंह यादव का पुत्र
तथा भतीजा भी सेना में नौकरी कर रहे हैं।

पूरे परिवार में देश सेवा का जोश

थाना दन्नाहार के गांव रठेरा का भी यही हाल है। गांव के कई परिवार सेना में नौकरी करके खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं। गांव के रामनाथ यादव का पूरा परिवार सेना में रहा है। वह खुद तथा बड़े पुत्र नरेंद्र सिंह यादव सेना से अवकाश ले चुके हैं। नरेंद्र का पुत्र प्रतीक, छोटे भाई सुखेंद्र प्रताप, हरेंद्र सिंह सेना में नौकरी कर रहे हैं। रामनाथ का परिवार गांव के युवाओं को सेना की नौकरी के लिए प्रेरित करने के साथ ही मार्ग दर्शन भी करता है।

भाई को देख भाई भी बने सैनिक

रठेरा में कई परिवार ऐसे हैं जहां एक भाई ने सेना की नौकरी शुरू की। देश की सीमा की रक्षा करने का ऐसा जज्बा पैदा हुआ कि और भाई भी सैनिक बन गए। गंगा सिंह यादव के बड़े पुत्र शिव कुमार के सैनिक बनने के बाद उनके मुंह से सीमा के हालात सुनकर उनके छोटे भाई अमलेश कुमार तथा अजीत कुमार भी सेना में नौकरी करने लगे। सामंत सिंह यादव के बड़े पुत्र श्याम प्रमोद की सेना में नौकरी लगने के बाद छोटे भाई प्रमोद कुमार तथा राजेश कुमार भी सीमा रक्षा के लिए सेना में भर्ती हुए।
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