आगरा। रक्षा बंधन के त्योहार पर भाई के कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों महज दो घंटे का समय मिलेगा। इस बीच में ही उन्हें राखी पूजन और राखी बांधने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। दरअसल सात जुलाई को चंद्रग्रहण होने की वजह से दोपहर करीब 1.29 बजे से सूतक लग जाएगा और इस दौरान कोई भी धार्मिक अनुष्ठान नहीं हो पाएगा।
आचार्य हरिगोपाल शर्मा (भागवत किंकर) ने बताया कि सात अगस्त को सूर्योदय से लेकर 11.30 बजे तक भद्रा रहेगी। भद्रा काल में रक्षा बंधन की पूजा नहीं हो सकती है। 11.30 बजे से भद्रा समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 1.29 बजे चंद्रग्रहण का सूतक लग जाएगा। सूतक काल में भी पूजा नहीं की जा सकती है।
ऐसे में बहनों को 11.30 बजे लेकर 1.29 बजे तक रक्षा बंधन की पूजा और राखी बांधनी होगी। लायर्स कालोनी स्थित राधा कृष्ण मंदिर के महंत पंडित रघुपति शास्त्री ने बताया कि राखी का पूजन अवश्य सुबह 11.30 बजे से दोपहर 1.29 बजे तक हो जाए। इसके बाद राखी कभी भी बांधी जा सकती है लेकिन यह ध्यान रखा जाए कि राखी चंद्रग्रहण के दौरान नहीं बांधी जा सकती है।
राशियों पर क्या रहेगा प्रभाव
पंडित दिनेश गुरु के मुताबिक चंद्रग्रहण रात करीब 10.29 बजे प्रारंभ होगा। मध्य काल करीब 12.22 बजे होगा। ग्रहण वृष, कर्क, धनु, तुला राशियों के सामान्य, मेष, सिंह, वृष्चिक , मीन के लिए शुभ, मकर राशि के लिए ठीक नहीं है। प्रशासन, सेना, राजनीतिज्ञों, औषधि विज्ञान के लिए ग्रहण अशुभ रहेगा। मादक द्रव्य, धान्य, तिलहन आदि के लिए शुभ रहेगा। चंद्र ग्रहण भारत के अलावा पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सऊदी अरब, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश में भी देखा जा सकेगा।