दीपक जैन (फिरोजाबाद)। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद नजर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वाले चेहरे पर है। कौन होगा जिला पंचायत अध्यक्ष इसके पत्ते भाजपा ने नहीं खोले हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम भी पूर्वमंत्री जयवीर सिंह के कैंप से ही तय होगा। वो इस लिए क्योंकि जिला पंचायत से सपा का सफाया करने में उनकी ही भूमिका अहम रही है। पहली बार जिला पंचायत में भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बैठेगा। जिला पंचायत के गठन के 22 साल बाद ऐसा होगा।
गुरुवार को 33 जिला पंचायत सदस्यों में से 24 जिला पंचायत सदस्य जब अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष आए तो सपा चारों खाने चित्त हो गयी। विधानसभा चुनाव के बाद यूपी में भाजपा की सरकार बनते ही पूर्व मंत्री जयवीर सिंह को जिला पंचायत में सपा की सत्ता खटकने लगी थी।
सिरसागंज में उनके आवास पर रणनीति बनी और जिला पंचायत से सपा को बाहर कर भगवा खेमे का कब्जा हो गया। अब नजर जिला पंचायत अध्यक्ष के चेहरे पर है।
भाजपाई मानते हैं कि नाम पूर्वमंत्री जयवीर सिंह ही फाइनल करेंगे। एक नाम वार्ड नंबर आठ की सदस्य बबली राजपूत का सुर्खियों में है लेकिन पुष्टि भाजपा के लोग नहीं कर रहे हैं। जसराना के पूर्व विधायक रामवीर यादव के पुत्र अमोल यादव का नाम भी चर्चा है। अमोल चूंकि भाजपा में नहीं है सिर्फ इस मुहिम में भाजपा का साथ दिया इस लिए उनके नाम पर भाजपा अधिक गंभीर नहीं दिखती है।
जिला पंचायत बनने के बाद यह पहली बार भाजपा का कब्जा होगा। वर्ष 1991 में जिला परिषद थी जब भाजपा की सरकार में रामअवतार शर्मा जिला परिषद के अध्यक्ष मनोनीत किए गए थे। जिला पंचायत बनने के बाद पहला चुनाव वर्ष 1995 में हुआ तब सिरसागंज के विधायक हरिओम यादव की पत्नी रामसखी यादव जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। वर्ष 2000 तक वह अध्यक्ष रहीं। उसके बाद हुए चुनाव में हरिओम यादव जिला पंचायत के अध्यक्ष बनें।
वर्ष 2011 में बसपा की सरकार में टूंडला के पूर्व विधायक राकेश बाबू एडवोकेट के भाई प्रमोद कुमार अध्यक्ष बने। 2012 में सपा की सरकार बनते ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर प्रमोद को हटा दिया गया और पूर्व विधायक रमेश चंद्र चंचल जिला पंचायत के अध्यक्ष बन गए।
वर्ष 2000 के बाद हुए जिला पंचायत के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. लक्ष्मी नरायन यादव ने चुनाव लडा था लेकिन सफलता नहीं मिल पायी। जनवरी 2016 के चुनाव में विजय प्रताप यादव छोटू जिला पंचायत अध्यक्ष बने और भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर 21 जुलाई को उन्हें हटा दिया। जिला पंचायत के गठन से लेकर अब तक के सफर में यह पहला मौका होगा जब जिला पंचायत पर भगवा खेमे का कब्जा होगा।
अध्यक्ष का नाम तय करने को अभी वक्त है - जयवीर
पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता जयवीर सिंह का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अभी वक्त है। सितंबर या अक्टूबर में चुना होगा। जब चुनाव होगा तब अध्यक्ष किसे बनाएंगे तय कर लिया जाएगा। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।