एटा। अलीगंज के बाद अब जिले के अवागढ़ और शीतलपुर ब्लॉक प्रमुखों की कुर्सी खतरे में दिखाई दे रही है। दोनो ब्लॉक में एक-एक बीडीसी ने इस्तीफा दे दिया है, ताकि दमदार प्रत्याशी को उप चुनाव मैदान में उतार कर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से कब्जा किया जा सके। बीडीसी के खाली पदों पर उप चुनाव के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए बीडीसी को लामंबद किया जा रहा है।
अवागढ़ ब्लॉक ब्लॉक प्रमुख लाल कांत यादव और शीलतपुर ब्लाक प्रमुख वजीर सिंह यादव की कुर्सी खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है। भाजपा नेता तख्ता पलट करने की तैयारी कर रहे हैं। अवागढ़ ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और चुनाव मैदान में दमदार प्रत्याशी उतारने के लिए खरारा गांव के बीडीसी घेगराज से इस्तीफा दिलाया गया है। कमोवेश यही हालात शीतलपुर ब्लॉक प्रमुख वजीर सिंह यादव की कुर्सी का है। विगत 19 जुलाई को शीतलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत वाहनपुर से बीडीसी सदस्य विजयपाल ने इस्तीफा दे दिया है। शीतलपुर ब्लॉक में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रामसेवक पहलवान ब्लॉक प्रमुख पद लिए चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। वहीं अवागढ़ ब्लॉक में भाजपा ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि शीतलपुर ब्लॉक में 120 बीडीसी में से 80 बीडीसी पक्ष में हैं। अविश्वास प्रस्ताव आने पर इनकी संख्या 100 पहुंच सकती है। वहीं अवागढ़ ब्लॉक में बीडीसी की संख्या 76 है, लेकिन भाजपा ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। फिलहाल भाजपा नेता बीडीसी पद के उपचुनाव के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।