प्रशासन की टीम को कांच कारखानों में मिलीं खामियां
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फिरोजाबाद। कांच उद्योग में प्रयोग होने वाली गैस पर 26 प्रतिशत जीएसटी लगाने के गेल के नोटिस से उद्यमियों की नींद उड़ा दी। उद्यमियों का कहना है कि जीएसटी के लागू होने के बाद उनको डीफार्म नहीं मिलेगा। 26 प्रतिशत यदि जीएसटी लगी तो फिर कांच उद्योग ही खत्म हो जाएगा। जबकि हरियाणा और गुजरात में दस प्रतिशत टैक्स लग रहा है।
कांच एवं चूड़ी के लिए विश्व विख्यात शहर के उद्यमियों को उस समय झटका लगा जब गेल इंडिया लिमिटेड की ही ओर से 26 प्रतिशत जीएसटी लगाने के नोटिस उद्यमियों को भेज दिए गए। गेल के नोटिस मिलने के साथ उद्यमियों में हलचल काफी तेज हो गई। एक साथ 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से तो कांच उद्योग पूरी तरह से ही बर्बाद हो जाएगा।
हालांकि उद्यमियों ने गेल इंडिया के अफसरों से ही वार्ता की और अपना पक्ष प्रदेश सरकार के समक्ष रखने का फैसला लिया है। इधर यूपीजीएमएस के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल ने कहा कि जीएसटी लागू हो जाने के बाद टिननंबर तो समाप्त हो गए। डी फार्म अब नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा 26 प्रतिशत जीएसटी लागू होने के बाद तो कांच उद्योग तो खत्म हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि गुजरात एवं हरियाणा में दस प्रतिशत टैक्स लग रहा है तो फिर यहां अधिक कैसे हो सकता है। दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के डायरेक्टर हनुमान प्रसाद गर्ग ने कहा कि 26 प्रतिशत जीएसटी लागू हो जाने से ढाई हजार रुपया प्रति एक हजार एसपीएमडी गैस महंगी हो जाएगी। इतनी महंगी गैस लेकर कांच उद्योग नहीं चल सकता है।
यह पडे़गा असर
- गैस की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ जाएगी
- फिरोजाबाद के कांच उत्पाद महंगे हो जाएंगे
- महंगे कांच उत्पाद विश्व बाजार में टिक नहीं पाएंगे
- कांच उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच जाएंगे