वृंदावन (मथुरा)। अक्षय तृतीया पर्व पर वर्ष में एक बार होने वाले बांकेबिहारी जी के चरण दर्शन 7 मई को होंगे। चंदन से किए जाने वाले ठाकुर जी के इस शृंगार के लिए सेवायत चंदन घिसाई में लगे हुए हैं। चरण में पाजेब पहने बिहारी जी के दर्शन वर्ष में एक बार अक्षय तृतीया को ही होते हैं।
नगर में 7 मई को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाएगा। बांकेबिहारी मंदिर में भक्त प्रात: 7:45 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5:30 बजे से 9:30 बजे तक अपने आराध्य के चरण दर्शन कर सकेंगे। इस दिन भक्त फूल बंगले के दर्शन नहीं कर सकेंगे।
राजभोग सेवा अधिकारी निकुंजवर्धन गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी के समीप चंदन के गोले रखे जाएंगे, वहीं आराध्य को सुबह धोती व शाम को जामा पहनाया जाएगा। चरण में पाजेब पहने बिहारी जी के दर्शन वर्ष में एक ही बार होते हैं।
अन्य मंदिरों में फूल बंगले के साथ शुरू होंगे फव्वारे
राधाबल्लभ, शाहजी, राधा रमण, श्यामसुंदर समेत अन्य मंदिरों में इसी दिन से फूल बंगले बनने भी प्रारंभ होंगे। वहीं ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के लिए मंदिर प्रांगण में फव्वारे भी चालू करा दिए जाएंगे। वहीं, चंदन घिसाई का कार्य करीब एक माह पूर्व ही शुरूहो जाता है। चंदन को महीन कर उसमें कपूर केसर, गुलाब जल, इत्र, यमुना जल आदि मिलाकर इसका लेप तैयार किया जाता है। अक्षय तृतीया पर शृंगार से पूर्व आराध्य के लिए इस लेप का प्रयोग सेवायत करते हैं।