मथुरा। गिरते भूगर्भ जल के चलते गहराते पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण पर काम करना शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत 30 अप्रैल तक जनपद में 1000 तालाबों को खोदाई कर और गहरा बनाने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए डीएम ने अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी है।
फरह, राया, नौहझील तथा बलदेव ब्लाक डार्क जोन में हैं। इन ब्लॉक के 400 से अधिक गांवों में भूगर्भ जल खारा है। खारा पानी को मीठा करने और भूगर्भ जलस्तर ऊंचा करने के लिए जल संरक्षण को लेकर डीएम ने शनिवार को राजीव भवन सभागार में बैठक ली। बैठक में नौहझील के 157, राया के 173, बलदेव के 412, फरह के 203, गोवर्धन के 288, मथुरा के 237, मांट के 219, चौमुंहा के 47 तथा छाता के 34 तालाबों की खुदाई कर और गहरा बनाने का लक्ष्य रखा गया।
डीएम ने बताया कि तालाबों की खोदाई 10 फीट तक की जाएगी और चारों ओर सीढ़ियां बनाई जाएंगी। खुदाई मनरेगा तथा 14 वें वित्त आयोग के पैसे से होगी। खोदाई के बाद तालाबों के चारों ओर पौधे लगाए जाएंगे। बैठक में पीडी रवि किशोर त्रिवेदी, डीपीआरओ डॉ. प्रीतम सिंह, लघु सिंचाई, आरईडी, जल निगम के इंजीनियर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।