फिरोजाबाद। नगर निगम में डीजल की खपत पर जांच शुरू करने के बाद डीएम के टारगेट पर अब सफाई कर्मचारियों की तैनाती में होने वाला फर्जीवाड़ा है। डीएम ने नगर निगम में कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों की सूची तलब की है।
सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए सबसे पहले सफाई कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी की गई है। नगर निगम में तैनात समस्त सफाई कर्मचारियों की फोटो युक्त सूची तलब की है, जिससे मौके पर कर्मचारी का भौतिक सत्यापन हो सके।
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम में कुल 1761 सफाई कर्मचारी तैनात हैं, जिसमें 970 कर्मचारी ठेका पर कार्य करते हैं। हर रोज सैकड़ों लीटर डीजल फुंकता है, दर्जनों वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जेडएसओ, स्वच्छता निरीक्षकों से लेकर सुपरवाइजरों तक सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जाती है, उसके बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था खस्ताहाल है। इसके सीधा मतलब है कि अफसरों की सांठगांठ से तमाम कर्मचारियों को घर बैठे वेतन और मानदेय मिल रहा है।
कई बार शिकायतें भी हुईं, जांच के आदेश हुए, लेकिन आजतक किसी कर्मचारी पर शिकंजा नहीं कस सका।
नगर आयुक्त के रूप में नगर निगम की कमान डीएम नेहा शर्मा के हाथ में आ गई है। नगर निगम में पहले दिन आते ही उन्होंने सबसे पहले सफाई कर्मचारियों का डाटा तलब किया है, जिसमें उन्होंने समस्त स्थाई व ठेका कर्मचारियों की फोटो युक्त सूची तलब की है।
डीएम द्वारा सूची तलब करने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शनिवार को सुबह से शाम तक अधिकारी, कर्मचारी फोटो युक्त सूची तैयार करने में जुटे रहे।
नगर निगम में तैनात समस्त सफाई कर्मचारियों की फोटो युक्त सूची के आधार पर प्रशासनिक अफसरों द्वारा कभी भी कहीं भी बिना किसी सूचना के औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान वार्डों में गंदगी मिलने अथवा कर्मचारी गायब मिलने पर सख्त कार्यवाही होगी। डीएम के इस कदम से शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा।