ओएनजीसी की टीम ने बोरिंग कराकर लिए नमूने
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कासगंज। भूगर्भ में तेलीय तत्वों की खोज के लिए ओएनजीसी द्वारा नमूने तो ले लिए गए, लेकिन नमूने के दौरान हुए फसली नुकसान के मुआवजे की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। ओएनजीसी के अधिकारी जिले की सीमा से काफी पहले आगे बढ़ गए। अब किसान असहाय महसूस कर रहे हैं।
दो माह पूर्व ओएनजीसी की टीम जिले में आई और कई दिनों तक डेरा डालकर भूगर्भ में तेल की खोज करने को नमूने लिए। नमूने लेने की प्रक्रिया के दौरान किसानों की फसलों का नुकसान हुआ। नमूनों के लिए विस्फोट किए गए और खेत में विस्फोटक का जाल भी बिछाया गया। उस समय ओएनजीसी के अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि नमूनों के एवज फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे। डेढ़ माह से अधिक का समय बीत जाने पर भी ओएनजीसी ने कोई भी बैंक विवरण किसानों से नहीं मांगा है। ऐसे में किसान ओएनजीसी के अधिकारियों का आश्वासन सिर्फ छलावा मान रहे हैं।
किसानों की बात
- ओएनजीसी के अधिकारियों ने हमें आश्वासन दिया था कि नमूनों के दौरान जो नुकसान हुआ है उसका आकलन कर मुआवजा दिलाया जाएगा। प्रेम किशोर, किसान।
- मुआवजे के लिए कोई भी बैंक विवरण नहीं मांगा गया है। यदि मुआवजा देना ही था तो अधिकारी विवरण मांगते। अब तो किसी अधिकारी का कोई पता नहीं है। राजवीर सिंह किसान।
- किसानों की फसलों का जो नुकसान हुआ उसकी रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी गई है। मुआवजे का निर्णय सरकार लेगे। रवि कुमार, पर्यवेक्षक, ओएनजीसी