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अलम के जुलूस में गूंजी या हुसैन की सदा

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कासगंज/ सहावर/ अमापुर। जिले में अलम के जुलूस निकाले गए। अकीदतमंदो ने हजरत इमाम हुसैन को याद किया।
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सहावर मे मोहर्रम की आठ तारीख को कस्बा में अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस कस्बे के मोहल्ला मुगल व झंडा पीर से शुरू होकर मोहल्ला सोरों रोड, मोहल्ला अंसरियान, मोहल्ला काजी, कटरा बाजार, बड़ा बाजार, मोहल्ला मोरी, मोहल्ला मनिहारान होते हुए मोहल्ला चौधरी में समापन किया गया। जुलूस में मुराद खा, अहमद सईद, सलाम खां, गुड्डू खां, अहर खां रहे।
अमापुर में अलम का जुलूस निकाला गया। चेयरमैन चांद अली, अकील प्रधान, चमन मियां, नसीर खान, अनवार मिया, शकील खान, शाकिर टेलर, यूनुस हुसैन, लल्ला मुनेरी, अरवाज खान, आमिर खान, इस्लाम मुनैरी, आबिद, आले हसन, अकील, शबाब, कमरुद्दीन रहे।
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मोहनपुर में मोहल्ला नवाब से जुलूस शुरू हुआ। जुलूस ने गढ़ी शीशगरान, गुल्ला नगर, मैन बाजार होते हुए कचहरी मस्जिद पर समापन हुआ। अरवाज, शहना खां, हसनैत, असगर शाह, अरसद, चंदन शाक्य, रहमान, सहसवीर चौहान आदि मौजूद रहे।

अलीगंज में निकाला गया अलम का जुलूस
मोहल्ला गंगादरवाजा से मुहर्रम के दूसरे दिन अलम का जुलूस निकाला गया। अलम को देखने के लिए लोग छतों पर सड़कों पर लोग जमा हो गए। एक से एक खूबसूरत अलम को देखने के लिए दूसरे जिलों के लोग अलीगंज पहुंचे। दूसरे दिन मोहल्ला गंगा दरवाजा से मोहल्ला काजी होते हुए गांधी मूर्ति चौराह से टपकनटोला, किलेदारान मोहल्ला राम प्रसाद गौड़, मदार दरवाजा से गांधी मूर्ति चौराहे से मैन बाजार होती हुई मोहल्ला गंगा दरवाजा पर समाप्त हुआ। जुलूस में मुख्य रूप से मुनव्वर खां, मुस्तफा खां, लड्डन मियां, नसीम खा, इसरार खां, मोहम्मद रिजवान, इबरार अली, शेरू, मुन्ना खां, मंसूर खां, नदीम खां रहे।
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हजरत अब्दुल गफूर शाह का मनाया गया पर्व
एटा। साबरी अंजुमन कमेटी की ओर से बुधवार को होली गेट पर शहीद ए आजम कांफ्रेंस में तकिया हजरत अब्दुल गफूर शाह का पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में सरपरस्ती पीरे तरीकत अल्हाज सूफी मोहम्मद हसन मिया ने की। मौलाना मुनाजिर हुसैन ने कहा कि अहले बैत से मुहब्बत रखो, उनके नक्शे कदम पर चलोगे तो जिंदगी खुशगवार होगी। सूफी मोहम्मद हसन मियां ने कहा कि जुल्म के खिलाफ लड़ाई लड़ना व इंसानियत और ईमान की हिफाजत करना हम सभी का धर्म है। इसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े तो पीछे मत हटो। अलीगंज से आए सैय्यद बिलाल अली व सैय्यद रहवर अली ने नातिया कलाम सुनाया। इस मौके पर एसएस खॉ साबरी, डा. रियाजुद्दीन साबरी, शकील साबरी, सत्तार साबरी,फिरोज साबरी, शाकिर साबरी, इश्शन खां पत्रकार, हाजी कशिश एटवी आदि मौजूद रहे।
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