मथुरा। देशभर में तीन सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी, लेकिन कान्हा के जन्म से ठीक एक दिन पहले यानि दो सितंबर को गोकुल स्थित नंदकिले पर उनकी छटी पूजी जाएगी। इसके लिए मंदिर में तैयारियां शुरू हो गईं हैं।
मंदिर के सेवायत मथुरादास पुजारी ने बताया कि दो सितंबर को छटी पूजन होगा। शाम सात बजे ठाकुरजी को भोग लगाने के बाद दूर-दराज से आने वाले भक्तों को प्रसाद रूपी हलुआ-पूरी का वितरण कर जन्म की बधाई दी जाएगी। इसके लिए नंदकिले को सजाया जा रहा है। आकर्षक फूलों व रंग-बिरंगी रोशनी से यह जगमगाएगा।
मां यशोदा भूल गई थी छटी पूजना
अपनी मौत की खबर सुनकर मामा कंस ने पूतना को सभी छह दिन के बच्चों को मारने का आदेश दिया। गोकुल पहुंची पूतना को देख मां यशोदा डर गई और वह कान्हा की छटी पूजना ही भूल गई।
अगले वर्ष जैसे ही कन्हैया का जन्मदिन आया तो मां यशोदा ने सबके घर बुलावा भेजा। तब सखी चंद्रावलि ने कहा कि कान्हा की छटी तो हुई ही नहीं, तो हम कैसे आएं। तभी जन्मदिन से एक दिन पहले कान्हा की छटी पूजी जाने लगी।