एटा। इस वर्ष इंटर में पास हुए रिकार्ड 24 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के स्नातक में प्रवेश का संकट रहेगा। यूपी बोर्ड के ही नहीं केंद्रीय बोर्ड के भी अधिकांश इंटर पास छात्र-छात्राएं ग्रेजुएशन में प्रवेश के लिए आवेदन करेंगे।
उच्च शिक्षा के लिए जिले में संस्थाओं का अभाव है। बीस लाख की आबादी वाले जिले में मात्र एक राजकीय एवं दो सहायता प्राप्त महाविद्यालय है। इतना ही नहीं कृषि, कामर्स जैसे वर्ग एवं परास्नातक कक्षाओं के महत्वपूर्ण विषय नाम मात्र की संस्थाओं में ही हैं। इंटर के रिकार्ड रिजल्ट के बाद इस बार स्नातक में प्रवेश को लेकर मारामारी रहेगी। 24 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने इंटर परीक्षा पास की है। इनमें 23240 से अधिक छात्र-छात्राएं माध्यमिक शिक्षा परिषद के हैं। जिले में संचालित एक सौ तीन महाविद्यालयों में एक राजकीय एवं दो सहायता प्राप्त संस्थाएं हैं। शेष स्व वित्तपोषित अधिकांश संस्थाओं में एक-एक सेक्शन की मान्यता है। ऐसे में इनमें विभिन्न वर्ग की दस हजार सीटें भी नहीं हैं।
अंग्रेजी मीडियम के लिए व्यवस्था नहीं
एटा। इंग्लिश मीडियम के छात्र-छात्राओं के लिए जिले में उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के अंग्रेजी माध्यम से इंटर करने वालों के सामने अगली पढ़ाई का संकट रहता है। संपन्न परिवारों के बच्चे जहां अन्य शहरों में भाग्य आजमाते हैं वहीं सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राएं इन्हीं महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए मजबूर हैं।
उच्च शिक्षा की कक्षाएं एक अगस्त से
डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय ने शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है। इसके अनुसार जहां 31 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं एक अगस्त से विधिवत कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इस वर्ष प्रवेशार्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है।
स्नातक कक्षाओं में प्रवेश को लेकर इस बार मारामारी रहेगी। प्रवेशार्थी छात्र-छात्राओं के पंजीकरण शुरू करा दिए हैं। सैकड़ों प्रवेश पंजीकरण हो चुके हैं।
प्रो.अनिल कुमार सक्सेना, प्राचार्य जेएलएन पीजी कालेज, एटा