राया (मथुरा)। बुधवार की सुबह शांतिभंग की आशंका में पकड़े गए युवक की जमानत के बाद घर पहुंचकर तबीयत बिगड़ गई। गुरुवार की तड़के उसकी मौत हो गई। परिवार वालों ने कहा कि बिचपुरी चौकी में उसे थर्ड डिग्री दी गई थी जिससे उसकी मौत हुई है। गुस्साए ग्रामीणों ने बिचपुरी चौकी को घेरकर घंटों हंगामा किया। राया- हाथरस मार्ग को जाम कर दिया। बाद में चार ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर परिवार वाले शांत हुए।
थाना राया के गांव सरूपा निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र रामचरन का बुधवार की सुबह गांव के ही अशोक पुत्र श्यामबाबू से प्लाट के रास्ते को लेकर विवाद हो गया था। सूचना पर पहुंची बिचपुरी पुलिस ने अशोक, दूसरे पक्ष के चंद्रमोहन, छोटू, चंद्रप्रकाश और ओमप्रकाश को शांतिभंग में गिरफ्तार कर मांट एसडीएम कोर्ट के लिए भेज दिया।
जमानत पर छूटकर दोनों पक्ष अपने घर पहुंचे। बुधवार की रात को चंद्रप्रकाश की तबियत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां तड़के उसकी मौत हो गई। गुरुवार की सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने बिचपुरी चौकी को घेरते हुए हंगामा काटा। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से युवक की मौत हुई है।
पुलिस ने समझा-बुझाकर ग्रामीणों को शांत किया। मृतक के भाई चंद्रपाल की तहरीर पर चार ग्रामीणों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। प्रभारी निरीक्षक जीपी सिंह ने बताया कि बीमारी के चलते युवक की मौत हुई है। शांतिभंग में एसडीएम कोर्ट में भेजने से पहले आरोपियों का मेडिकल तक कराया गया है।
मकान को लेकर चल रहा था विवाद
राया। गांव सरूपा में चंद्रप्रकाश के मकान को लेकर कई साल से गांव के ही अशोक से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि कई सालों से चंद्रप्रकाश मकान में रह रहा था जिस पर अशोक पक्ष अपना होने का दावा कर रहा था।
ग्रामीणों ने किया कई बार मार्ग जाम
राया बिचपुरी चौकी पर युवक की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा था, वह आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर कई बार जाम लगाने का प्रयास किया, पर पुलिस हर बार समझा बुझाकर मामला शांत करा देती। एक बार ग्रामीणों ने मुख्यमार्ग पर तख्ता आदि डालकर जाम लगा दिया। पुलिस ने खुलवा दिया। उसके बाद मृतक की बहन चौकी पर आकर लेट गई और बाद में सड़क पर लेट गई। थोड़ी बहुत देर जाम लगने के कारण ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार भी लग गई।