मथुरा। 16 मार्च 2016 को सदर तहसील में जवाहर बाग में रह रहे कथाकथित सत्याग्रहियों द्वारा अधिवक्ताओं से की गई मारपीट के मामले में अधिवक्ता के मुंशी ने भी मारपीट के आरोपियों को पहचाने से इनकार कर दिया। हालांकि इसी कोर्ट में जवाहर बाग से ही जुड़े तहसीलकर्मी के घर में घुसकर मारपीट के अन्य मामले में पुलिस जांच अधिकारी ने गवाही दी है।
जवाहरबाग से जुड़े तहसील मारपीट प्रकरण मेें एसजेएम प्रथम कोर्ट में सोमवार को आरोपियों की पेशी हुई। इस दौरान एक अधिवक्ता के मुंशी पदम सिंह ने गवाही दी। पदम सिंह ने कोर्ट में मारपीट के आरोपियों को पहचाने से इंकार कर दिया। उसने बताया कि उसे इतना मालूम है कि मारपीट करने वाले जवाहर बाग की ओर से आए थे।
वह मारपीट करने वाले किसी भी आरोपी को नहीं पहचानता। वहीं, इसी कोर्ट में उद्यान विभागकर्मी देवी सिंह के घर में घुसकर हुई मारपीट के मामले में पुलिस जांच अधिकारी उपनिरीक्षक नंदलाल की भी गवाही हुई। दोनों मामलों में अब कोर्ट सात मई को सुनवाई करेगी। उधर, एडीजे षष्टम की अदालत में हत्या के मामले में जवाहर बाग के 98 आरोपियों की भी पेशी हुई।
जवाहर बाग के सभी आरोपी मथुरा, आगरा, अलीगढ़ के अलावा प्रदेश की अन्य जेलों से मथुरा कोर्ट में हाजिर हुए। अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि सोमवार को एक तहसील प्रकरण में एक और गवाह ने जवाहर बाग के आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया।