मथुरा। पिछले दिनों बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों की सूची बीमा कंपनी को सौंप दी है। इसमें 218 गांवों में गेहूं की फसल को अत्याधिक प्रभावित बताया गया है। इसमें भी ओलावृष्टि का प्रभाव महावन तहसील में सबसे अधिक है।
गेहूं की फसल के दौरान जनपद में ओलावृष्टि और बारिश से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। इसके लिए प्रशासन ने राजस्व की दृष्टि से फसल नुकसान का आकलन कर शासन को भेज दिया है। इसमें महावन और सदर तहसील में ही 21.33 करोड़ का आकलन करते हुए मुआवजा मांगा है।
इसके अलावा कृषि विभाग ने बीमा कंपनी के लिए भी रिपोर्ट भेजी है।
इसमें 218 गांवों में गेहूं की फसल में ओला और अतिवृष्टि से नुकसान बताते हुए सर्वे के लिए कहा गया है। इसमें कृषि विभाग ने महावन तहसील के 35 गांव, सदर के आठ गांव और छाता तहसील के 10 गांवों के नाम भी दिए हैं, जहां ओलावृष्टि हुई है।
गौरतलब रहे कि रबी की फसल के लिए जनपद में 55723 किसानों ने फसल बीमा कराया था। इसमें 58535 हेक्टेयर जमीन का बीमा था। कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बीमा कराने वाले किसानों को इस बीमा कंपनी के सर्वे का लाभ मिलेगा।
उप कृषि निदेशक धुरेंद्र कुमार ने बताया कि बीमा कंपनी को प्रभावित क्षेत्र की सूची दे दी है। यह बीमा से जुडे़ क्षेत्र हैं। पिछली खरीफ फसल धान में भी किसानों को हुए नुकसान का बीमा कंपनी ने 14 करोड़ का भुगतान कर दिया है। जल्द ही छह करोड़ रुपये और जारी कर दिए जाएंगे।