शीतलहर चलने के साथ बुजुुर्गों की मुश्किल भी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों और अस्थमा के मरीजों को हो रही है। हृदयाघात का खतरा भी इस मौसम में बढ़ गया है। जिला अस्पताल में निमोनिया, कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चेे पहुंच रहे हैं। एटा में हाईवे पर दिन में वाहनों की हेडलाइट जलाकर निकले।
सबसे ज्यादा सर्दी में जोड़ों के दर्द और अस्थमा के मरीजों को समस्या हो रही है। आए दिन इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। डॉ. विकास भारती का कहना है कि ठंड से बचाव जरूरी है। खासकर दिल के मरीजों को तो विशेष ध्यान देने की जरूरत है। चिकित्सक भी सलाह दे रहे हैं मार्निंग वॉक करने वाले धूप निकलने के बाद ही घर से निकलें। हर रोज आठ से दस बच्चे निमोनिया, कोल्ड डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं।
एटा में गुरुवार को कोहरे और शीतलहर ने लोगोें को खासा परेशान किया। हाईवे से वाहन हैडलाइट जलाकर गुजरे। जिला अस्पताल में खांसी सर्दी, वायरल, निमोनिया, बल्ड प्रेशर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में एक हजार मरीजों का पंजीकरण हो रहा है। चिकित्सक डॉ. एस चंद्रा का कहना है कि ठंड के मौसम में लोग गर्म खाना व उबला पानी का सेवन करें।
एडीएम ने परखे रैन बसेरे के हालात
एडीएम वित्त महेश चंद्र शर्मा ने बुधवार देर रात शहर में रैन बसेरे का हाल जाना। बस स्टैंड पर रैन बसेरे का निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए। साथ ही लोगों से व्यवस्थाओं को लेकर बात की।
पालिका ने 51 स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की
सोरों (ब्यूरो)। नगर पालिका प्रशासन ने 51 स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की। रेलवे स्टेशन, कोतवाली, सामुदायिक केंद्र, रोडवेज बस स्टेंड, हरि की पैड़ी आदि सभी सार्वजनिक स्थानों व प्रमुख मंदिरों, धर्मशालाओं के पास अलाव जलवाए गए हैं। गांधी पार्क के पास रैन बसेरा खोला।