कासगंज। पत्नी के इलाज के लिए दर दर की ठोकरे खाने के बाद पति अनिल अब मायूस हो चुका है। हर जगह से आश्वासन मिला लेकिन बीमारी से जूझ रही पत्नी के इलाज की व्यवस्था नहीं हो सकी। अब पति ने पत्नी के इलाज के लिए डीएम से गुहार लगाई है, लेकिन लखनऊ के पीजीआई में बोनमेरो ट्रांसप्लांट का कोई इंतजाम नहीं हैं। डीएम ने मुख्यमंत्री कार्यालय से मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
गांव छावनी निवासी रेखा पत्नी अनिल कुमार विगत कई माह से बोनमेरो की बीमारी से ग्रसित है। उसके शरीर में रक्त नहीं बनता है। पहले परिवार के लोगों को बीमारी का पता ही नहीं चला, लेकिन दिल्ली के एक निजी चिकित्सालय में जब महिला का परीक्षण कराया गया तो बीमारी की जानकारी हो सकी। प्रति सप्ताह एक बोतल खून महिला को चढ़ाया गया। अब तक 45 यूनिट खून घर, परिवार, गांव के लोग और रिश्तेदार महिला को दे चुके हैं।
कई बार चक्कर काटने के बाद भी महिला को अब तक अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान, दिल्ली में भर्ती नहीं किया गया है। मजबूरन फोर्टिस अस्पताल में महिला का इलाज कराया गया तो अस्पताल प्रशासन ने 35 लाख रुपये का एस्टीमेट दे दिया। पति अनिल ने प्रारंभिक उपचार के लिए तीन बीघा जमीन गिरवी रखकर छह-सात लाख रुपये का तो इंतजाम कर लिया लेकिन अब वह पैसों के लिए परेशान है। पत्नी के इलाज के लिए उसने अब डीएम से गुहार लगाई है। डीएम ने मुख्यमंत्री को मदद के लिए संस्तुति प्रेषित करने का भरोसा दिया है।
सीएमओ बोले, दिल्ली में ही हो सकता है उपचार
कासगंज। महिला की गंभीर बीमारी को देखते हुए सीएमओ डा. रंगजी दुबे से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसी चिकित्सालय में बोनमेरो ट्रंासप्लांट की व्यवस्था नहीं है। राज्य स्तर पर पीड़ित की मदद की जा सकती है, लेकिन अन्य स्थान पर इलाज के लिए मदद नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली के एम्स में इलाज संभव है।
अब योगी के दरबार में लगाएंगे गुहार
कासगंज। पत्नी के इलाज के लिए दर-दर की ठोकर खाने वाले पति अनिल ने कहा कि अब वह मुख्यमंत्री योगी की जनता दरबार में जाएंगे। यदि वहां भी कोई मदद नहीं मिली तो ऐसी स्थिति में पत्नी के साथ स्वयं के लिए भी इच्छा मृत्यु की राष्ट्रपति से मांग करेंगे।