आगरा। उच्च शिक्षा निदेशक डा. आरपी सिंह ने मंगलवार को राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ आगरा कालेज में बैठक की। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) टीम का निरीक्षण कराने पर जोर दिया। ऐसा न करने वाले महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ग्रांट नहीं प्रदान करेगा।
आगरा कालेज के गंगाधर शास्त्री सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। करीब 50 महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। निदेशक ने नैक टीम के निरीक्षण के फायदे बताए। उपलब्ध संसाधनों को ही बेहतर बनाने का सुझाव दिया। कई महाविद्यालयाें के प्राचार्यों ने बताया कि उनके पास पर्याप्त फंड नहीं है। स्टाफ की कमी है। नैक टीम के निरीक्षण के बाद जिन महाविद्यालयों को अच्छे ग्रेड मिले हैं, उन महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने भी अनुभव साझा किए। सभी से नैक का निरीक्षण कराने की अपील की।
अपर सचिव, उच्च शिक्षा परिषद, डा. राजेश चतुर्वेदी ने भी प्राचार्यों को नैक का निरीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया। उच्च शिक्षा अधिकारी डा. टीवीएस यादव ने बताया कि एक नवंबर से 30 दिसंबर और एक मई से 30 जून 2018 के बीच महाविद्यालय नैक निरीक्षण के लिए आवेदन कर सकेंगे।