एटा। उड़ीसा के कटक स्थित धर्म निरंजन मंदिर से 50 करोड़ रुपये की मूर्ति चोरी में एटा का गैंग शामिल था। कटक पुलिस शहर के द्वारिकापुरी निवासी गैंग सरगना सुरेश को ट्रांजेक्शन रिमांड पर लेकर रवाना हो गई है। वहीं गैंग में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस आधा दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियों के नंबर भी ट्रेस कर रही है। मूर्ति चोरी में शामिल संदिग्धों में से अधिकांश वाहन चालक हैं।
बता दें कि उड़ीसा के कटक धर्म निरंजन मंदिर से विगत आठ जुलाई को 50 करोड़ की अष्टधातु की महात्मा बुुद्ध की मूर्ति चोरी हो गई थी। जांच में जानकारी हुई कि घटना में एटा का मूर्ति गैंग शामिल है। उड़ीसा पुलिस ने गैंग के सरगना सुरेश पुत्र लक्ष्मीकांत निवासी द्वारिकापुरी को पकड़ लिया है। सुरेश की निशानदेही पर कटक पुलिस और एटा एसओजी ने दिल्ली में मूर्ति खरीदने वाले सराफ के यहां दबिश दी। हालांकि सराफ पुलिस के हाथ नहीं लगा।
ऐसे में कटक पुलिस सुरेश को ट्रांजेक्शन रिमांड पर आने साथ उड़ीसा लेकर रवाना हो गई है। गैंग में शामिल अन्य आरोपियों की स्थानीय पुलिस तलाश कर रही है। उड़ीसा कटक से आए इंस्पेक्टर पीके देहरा ने बताया कि घटना के दिन एटा जिले की आधा दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियाें के नंबर टोल टैक्स और बार्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरों से ट्रेस किए गए हैं। मूर्ति चोर गैंग में शामिल दो संदिग्ध चंद दिनों में करोड़पति बन चुके हैं।
मूर्ति चोरी को लेकर सुर्खियों रहा जिला
उड़ीसा के कटक मंदिर से चोरी महात्मा बुद्ध की बेशकीमती मूर्ति की घटना से पहले भी एटा जिला मूर्ति चोरी की घटनाओं के लिए सुर्खियों में रहा है। वर्षों से जिले का मूर्ति चोर गैंग दूसरे प्रदेशों में वारदातों को अंजाम देता है।
यहां के रहने वाले हैं संदिग्ध मूर्ति चोर
एसओजी टीम की माने तो जिले में मूर्ति चोर गैंग सक्रिय है। कटक मूर्ति चोरी में शामिल संदिग्ध तीन लोग शीतलपुर, तीन लोग किदवई नगर, एक मारहरा गेट, एक आईटीआई के सामने कालोनी, देवी सहाय की सराय, एक बाबूगंज का हैं।