आगरा। जलकल विभाग में 13 वे वित्त आयोग की धनराशि से कराए गए निर्माण और उपकरणों की खरीद में हुए घोटाले की परत अभी भी खुल रही हैं। जलकल विभाग के सूत्रों के मुताबिक ठेकेदारों को केवल लोहामंडी, सैयद पाड़ा इलाकों में ही अधूरे काम का भुगतान नहीं बल्कि शहर की नेहरू नगर जैसी पाश कालोनी में भी बिना काम किए ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया है। मामले ने तूल पकड़ा है तो अब वहां काम कराए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि 13 वित्त आयोग से मिली करीब 8.40 करोड़ रुपये की धनराशि से जलकल विभाग ने शहर में सीवर लाइन, पानी की पाइप लाइन डालने का काम किया था। यह काम लोहामंडी, खतैना, सैयद पाड़ा, आवास विकास, नेहरू नगर सहित कई इलाकों में किया जाना था। लोहामंडी क्षेत्र के पार्षद हेमंत प्रजापति ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी जलकल विभाग की पूर्व जीएम मंजू रानी गुप्ता के कार्यकाल में यह गड़बड़झाला हुआ और ठेकेदारों को काम कराए ही भुगतान कर दिया गया।
मंडलायुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए तो ठेकेदार लोडामंडी के पुल छिंगा मोदी इलाके में काम करने पहुंच गए। अब जलकल विभाग के सूत्र बता रहे हैं कि नेहरू नगर में भी अब काम किया जा रहा है। पूरी सड़क खोदकर डाल दी गई है। वहां पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क तक नहीं बनाई गई है। जबकि नेहरू नगर में यह काम पहले हो जाना चाहिए था। मामले की जांच अभी तक अधर में है। नगर आयुक्त कहते हैं नए जीएम के काम संभालने के बाद जांच में प्रगति होगी।