मथुरा। कुत्ता काट ले या बंदर। शुगर बढ़ जाए या ब्लडप्रेशर लड़खड़ाए। जिला अस्पताल में दवा मिलना मुश्किल है। कुत्ता काटे का इंजेक्शन तो है ही नहीं। गुरुवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी के सामने भी लोगों ने इंजेक्शन और दवाएं न मिलने की शिकायत की। कई तो ऐसे थे जो पिछले कई दिनों से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं।
मथुरा जिला अस्पताल के हालात बेहद खराब हैं। कई दवाओं का टोटा है। यह स्थिति पिछले कई सप्ताह से चली आ रही है। अगर किसी को कुत्ता काट लेता या बंदर हमला कर देता है तो वह बाजार से महंगा इंजेक्शन खरीदकर लगवा रहा है। क्योंकि जब भी अस्पताल पहुंचते हैं तो कह दिया जाता है कि इंजेक्शन है ही नहीं।
गुरुवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लपा बंगारी ने जब अस्पताल का निरीक्षण किया तो यहां मौजूद मरीज और उनके तीमारदारों ने दवाएं न मिलने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने कुत्ता काटे के इंजेक्शन के लिए तत्काल मुख्यालय से मांग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अल्ट्रासाउंड केंद्र, ओपीडी कक्ष, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी और एक्सरे सेंटर का भी निरीक्षण किया। मरीजों के नंबर लिए और उनके उपचार के बारे में जाना। उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरके नैय्यर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अमिताभ पांडेय भी मौजूद थे।