फिरोजाबाद। सावधान ! कहीं आपको बिजली का बिल फर्जी तो नहीं दिया जा रहा है। यदि आप बिजली के बिल का भुगतान करने जा रहे हैं तो बिल जमा करने के बाद रसीद अवश्य देख दें, वर्ना धोखा खा सकते हैं। कैश काउंटरों पर बैठे प्राईवेट कर्मचारी उपभोक्ताओं को फर्जी रसीद थमा कर हजारों का चूना लगा रहे हैं।
ऐसा ही मामला नई बस्ती निवासी उपभोक्ता रामअवतार शर्मा का संज्ञान में आया है। उपभोक्ता द्वारा मई माह का बिल सुहागनगर स्थित कैश काउंटर पर जमा कराया। कैशियर ने 2090 के स्थान पर 2070 का बिल जमा कर रसीद थमा दी। जून माह में उपभोक्ता 2655 रुपये का बिल आया।
जब उपभोक्ता पुन: उसी कैशियर से बिल जमा कराने गया तो कैशियर ने 2655 के स्थान पर उपभोक्ता से 2070 रुपये लिये। बिल पर प्रिंट डेट 14 जून अंकित थी लेकिन पूरी रसीद मई माह की थमा थी। इसका उपभोक्ता को कोई आभास नहीं हुआ। जुलाई माह के बिल में जब 2655 का बिल जुड़कर आया तो उपभोक्ता के होश उड़ गए।
उपभोक्ता रामअवतार शर्मा जब रसीद लेकर एसडीओ एसएन सिंह व कैशियर से मिले तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह रसीद फर्जी है। पिछले बिल धनराशि वापस करने को लेकर एसडीओ व कैशियर से काफी बहस भी हुई, परंतु कोई सुनवाई न होने पर उपभोक्ता थक-हार कर वापस लौट गया।