आगरा। सदर के इंद्रापुरम में पब्लिक वेलफेयर हास्पिटल की चिकित्सक कहकसा खान और डा. खालिद खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इलाज में लापरवाही की गई, जिससे एक नवजात की मौत हो गई।
बता दें, खेरिया, इरादतनगर निवासी हरिबाबू ने पत्नी सुमित्रा को प्रसव के लिए शुक्रवार शाम को हास्पिटल में भर्ती कराया था। आरोप है कि कर्मचारियों ने मरीज को भर्ती करने के बाद पांच हजार रुपये जमा कर लिए। इसके बाद सुमित्रा को देखने के लिए कोई नहीं आया। रात दो बजे सुमित्रा को प्रसव पीड़ा होने लगी। मगर, डाक्टर देखने नहीं आई।
इससे उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में दस हजार रुपये और मांगे गए। रुपये जमा नहीं करने पर स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं हुआ। सुबह पांच बजे सुमित्रा का जनरल वार्ड के बेड पर ही प्रसव हो गया। इसके बावजूद कर्मचारियों ने नहीं देखा।
नवजात की हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। बाद में डाक्टर आए। कहने लगे कि पैसा जमा कर दिए या नहीं। मना करने पर मरीज को कहीं और ले जाने के लिए बोल दिया। इस पर हंगामा हुआ। पुलिस ने डा. कहकसा खान, डा. खालिद खान, उनके बेट सहित अन्य के खिलाफ धारा 304ए, 323, 504, 506 में मुकदमा दर्ज किया है।
...और पहले बताया था बेटा
पीड़ित रामगोपाल ने दर्ज कराए मुकदमे में यह भी आरोप लगाया कि वह सुमित्रा को दो जून को हास्पिटल में लाए थे। तब डाक्टर ने जांच कर बताया था कि लड़का होगा। इस पर इलाज कराने का आश्वासन दिया।