आगरा के किरावली के अकोला ब्लॉक क्षेत्र के गांव चैंकोरा में शनिवार शाम खारी नदी में पानी पीने गईं 18 भैंसें घनी जलकुंभी में फंस गईं। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दो भैंस को मृत अवस्था में बाहर निकाल लिया, जबकि शेष 16 भैंसों की तलाश देर शाम तक जारी रही।
किसान रोजाना की तरह अपने पशुओं को चराने के लिए नदी किनारे ले गए थे। इसी दौरान कमल सिंह की 12 और वीरेंद्र की 6 भैंसें पानी पीने के दौरान नदी में फैली जलकुंभी के दलदल में जा फंसीं। घटना की सूचना मिलते ही एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह पुलिस बल व दमकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया।
एसडीएम किरावली अभिनव पाठक और तहसीलदार दीपांकर भी घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत अभियान का जायजा लिया। इस दौरान रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष बृजेश चाहर, संतोष चाहर, भाजपा नेता अरविंद चाहर, पदम चाहर, भिक्की मुखिया और जगबीर चाहर ने प्रशासन से पीड़ित पशुपालक किसानों को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।
समय पर गोताखोर न पहुंचने का आरोप
तहसीलदार दीपांकर ने बताया कि मौके पर लेखपाल पूजा दीक्षित को भेजकर पशुओं का पूरा विवरण जुटा लिया गया है। हालांकि, पशुपालक वीरेंद्र सिंह ने रोष जताते हुए कहा कि तहसील प्रशासन को तुरंत सूचना देने के बावजूद मौके पर समय पर गोताखोर नहीं पहुंचे और न ही वहां पर्याप्त रोशनी (लाइट) की व्यवस्था की गई।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
गुस्साए ग्रामीणों ने बताया कुछ दिन पूर्व 8 अगस्त 2026 को गांव बाकंदा खास निवासी बाबूलाल की 3 भैंसें भी इसी तरह खारी नदी में पानी पिलाते समय जलकुंभी में फंसकर बह गई थीं, जिनमें से दो भैंसें बाद में खेड़ा बाकंदा के पास मृत अवस्था में मिली थीं।