फरह (मथुरा)। गेहूं क्रय केंद्र रैपुरा जाट पर किसानों ने मंगलवार को कर्मचारियों को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया। कई घंटे बंधक बनाने के बाद उन्हें मुक्त किया। किसान की उपज का बेहतर मूल्य मिल सके, इसके लिए सरकार ने क्रय केंद्र खोले हैं।
रैपुरा जाट क्रय केंद्र पर किसानों का गेहूं नहीं तोला जा रहा है। किसान गेहूं बिक्री को क्रय केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। कई दिन से परेशान किसानों ने रैपुराजाट क्रय केंद्र पर कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया और क्रय केंद्र से ताला लगा दिया।
किसानों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। ताला लगने की सूचना पर अन्य किसान भी पहुंच गए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसानों को समझा बुझाकर ताला खुलवाया। किसान हरवीर सिंह, दुष्यंत कुमार, भीकम सिंह, मेंबर सिंह, सत्यवीर सिंह आदि ने बताया कि केंद्र प्रभारी रामवीर सिंह तरह-तरह की बहानेबाजी कर रहे हैं।
ऐसे में किसान कहां जाए वह खुद नहीं समझ पा रहे हैं। इतना ही नहीं किसान जब क्रय केंद्र पर भाड़े के वाहन से गेहूं लेकर पहुंचता है तो उससे मना कर दिया जाता है। भाड़े का वाहन होने की वजह से सांसें हलक में अटक जाती हैं और किसान मजबूरी में गेहूं को मंडी में व्यापारियों के पास लेकर जाता है।
यहां 1600 और 1650 रुपये में खरीद की बात की जाती है। 200 रुपये प्रति क्विंटल का घाटा किसानों को उठाना पड़ रहा है। 10 दिन से गेहूं बिक्री करने के लिए परेशान हैं, सरकारी क्रय केन्द्रों पर प्रभारी बहाने बना कर खरीद नहीं कर रहे हैं। ऐसे में किसान अपना गेहूं बिक्री करने के लिए कहां जाए। केंद्र प्रभारी रामवीर सिंह ने बताया कि मैं बीमार हूं, अपनी दवा लेने जा रहा हूं। समय मिलने पर गेहूं खरीद लूंगा।