मथुरा। मतदान बढ़ाने की कोशिश पर वोटर लिस्ट और वोटर आईडी की गलतियां भारी पड़ सकती हैं। जिले के हजारों मतदाता नाम और पते के गलतियों के कारण मतदान से भी वंचित हो सकते हैं। इस स्थिति को लेकर मतदाता परेशान भी हैं।
लोकसभा चुनाव के द्वितीय चरण के अंतर्गत 18 अप्रैल को मतदान होने जा रहा है। इस दौरान मतदान प्रतिशत पिछले लोकसभा चुनाव से अधिक रहे, इसकी कोशिश लगातार जारी हैं। लोगों को मतदान के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
लेकिन, वोटर लिस्ट और वोटर आईडी की गलतियां मतदान प्रतिशत बढ़ाने के अभियान पर भारी पड़ सकती है। हजारों मतदाताओं के नाम, पिता के नाम और पता उल्टे-पुल्टे कर दिए गए हैं। महिला मतदाता विजया पंडित के पति के स्थान पर पिता का नाम दर्ज कर दिया है।
सुनील बाबू का पता गायब है। बलदेव निवासी कमला देवी, तरुण अग्रवाल की महावन तहसील के स्थान पर मांट तहसील दर्ज कर दी है। मनीषा गुप्ता के पिता के स्थान पर पति का नाम दर्ज कर दिया है। शहर की पुरानी आबादी क्षेत्र सतघड़ा काला महल निवासी गोवर्धननाथ के परिवार का नाम ही वोटर लिस्ट से गायब है। परमानंद खंडेलवाल के परिवार के आधे वोटरों के नाम नहीं हैं।
कृष्णापुरी क्षेत्र के अनेक वोटर के फोटो बदल दिए गए हैं। यह स्थिति ऐसे मतदाताओं को मतदान से भी वंचित कर सकती है। उपजिला निर्वाचन एडीएम वित्त बृजेश कुमार का कहना है कि मतदाता सूची और आईडी में अंतर होने पर संबंधित अधिकारी इसे देखेंगे। त्रुटिवश मामूली अंतर है तो उसके कारण मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा।