मैनपुरी। भाजपा सरकार के अंतरिम बजट को विरोधी दलों ने चुनावी लॉलीपॉप बताया है। नेताओं का कहना है कि बजट के नाम पर सपने ज्यादा दिखाए गए हैं। पिछले बजट में किए गए वादे भी भाजपा सरकार अभी तक पूरे नहीं कर सकी है।
जानकार बजट को मध्यमवर्गीय लोगों के लिए हितकारी बता रहे हैं। नौकरीपेशा लोग इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव होने से खुश हैं, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता बजट को चुनावी बता रहे हैं। विरोधी नेताओं का कहना है कि सरकार ने हर वर्ग के हाथ में चुनावी लॉलीपॉप पकड़ा दिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया गया। महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने कोई नीति स्पष्ट नहीं की।
सपा सांसद तेजप्रताप यादव का कहना है कि भाजपा सरकार ने पिछले बजट में किसान की आय दोगुनी करने की घोषणा की थी। किसान आज भी वहीं है, आय दोगुनी नहीं हुई। मोदी सरकार ने बुलेट ट्रेन चलाने और स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की थी। न तो देश में बुलेट ट्रेन चली और न ही स्मार्ट सिटी नजर आ रही हैं। अंतरिम बजट पूरी तरह से चुनावी बजट है। सरकार हर वर्ग को साधने की कोशिश में लगी है। बजट में वर्ष 2030 तक के वायदे किए गए हैं।
सपा जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनावी बजट पेश किया है, इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव के नाम पर छल किया गया है। बजट से किसी को कुछ हासिल होने वाला नहीं है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संकोच गौड़ ने बताया कि बजट में पुरानी घोषणा को जगह नहीं दी गई है। किसान की आय दोगुनी न कर सके तो छह हजार का लॉलीपॉप थमा दिया।
बसपा जिलाध्यक्ष शुभम सिंह ने कहा कि लोगों को जैसे बजट की उम्मीद थी, वैसा बजट नहीं आया है। व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं के लिए कुछ खास नहीं है। भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता ने कहा कि संसद में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक बजट पेश किया है। गरीब, किसान की स्थिति में सुधार होगा। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।