आगरा। प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य विकास योजनाओं के संबंध में मंगलवार को प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने बिल्डरों के साथ बैठक की। सर्किट हाउस में हुई बैठक में बिल्डरों ने ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में लगी तदर्थ रोक हटाने की मांग की। बिल्डरों ने कहा कि जब तक तदर्थ रोक नहीं हटेगी या इसमें राहत नहीं मिलेगी तब तक पीएम आवास योजना ही नहीं अन्य प्रोजेक्ट भी परवान नहीं चढ़ पाएंगे।
बिल्डरों की संस्था क्रेडाई के उपाध्यक्ष उमेश चंद शर्मा ने प्रमुख सचिव के समक्ष प्रजेंटेशन रखा। इसके तहत उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर जारी वर्गीकरण में रेड, ओरेंज, ग्रीन और व्हाइट सूची का नया वर्गीकरण किया गया है। इसके तहत भवन निर्माण में 20 हजार वर्गमीटर से अधिक निर्मित भूभाग को ओरेंज श्रेणी में रखा गया है।
सफेद कैटेगिरी में पांच हजार वर्गमीटर रखा गया है। पांच हजार वर्ग मीटर से कोई समस्या हल नहीं होने वाली है। इससे पीएम आवास योजना ही नहीं अन्य प्रोजेक्ट भी थम गए हैं। क्रेडाई के अध्यक्ष सुमित विभव ने कहा कि गैरप्रदूषणकारी उद्योग जैसे होटल, हास्पिटल, भवन निर्माण से तदर्थ रोक हटाई जाए।
बैठक में मंडलायुक्त अनिल कुमार, एडीए उपाध्यक्ष शुभ्रा सक्सेना, सचिव हरिराम, क्रेडाई के सदस्य गौतम रावत, नितेष गर्ग, कमल चौधरी, संजय अग्रवाल, सोभिक गोयल, छोटे लाल बंसल आदि मौजूद रहे।
बिल्डरों ने रखी यह प्रमुख मांगे
- गैर प्रदूषणकारी उद्योगों से तदर्थ रोक हटाई जाए
- हास्पिटल, होटल, भवन निर्माण को मुक्ति किया जाए
- बाह्य विकास शुक्ल की दरों समान और कम किया जाए
- बाह्य विकास शुल्क जहां से लिया है वहीं खर्च किया जाए
- मास्टर प्लान और जोनल प्लान सड़कों का निर्माण जल्द हो
प्राधिकरणों को संजीवनी देगी सरकार
प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोगर्ण ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि लैंड बैंक न होने के कारण प्राधिकरणों की स्थिति खराब हो रही है। वर्तमान भूमि अधिग्रहण नीति के मुताबिक प्राधिकरण भू अर्जन नहीं कर सकते हैं। इसलिए सरकार लैंडपूलिंग योजना बना रही है। आगरा विकास प्राधिकरण की खस्ता हालात में सुधार के लिए इनर रिंग रोड पर खर्च हुई राशि के संबंध में बजट में प्रावधान कराने का भरोसा भी दिलाया।