कासगंज। चीनी मिल के बाहर गन्ना लदे वाहनों की लंबी कतारें और किसान परेशान। कासगंज के न्यौली मिल के बाहर पिछले कुछ दिनों से ऐसी ही हालत है। मिल में तकनीकी खराबी दूर न होने के कारण कई दिनों से गन्ना खरीद नहीं हो पा रही है। परेशान किसानों ने मिल के बाहर प्रदर्शन कर आक्रोश जाहिर किया है। इधर मिल के बॉयलर की खामी दूर हुई तो टरबाइन खराब हो गई है। इंजीनियर दिन रात खामी दूर करने में जुटे हुए हैं।
चीनी मिल की खराबी से किसानों पर दोहरी मार है। पहले तो उनका गन्ना सूख जाने से वजन कम हो रहा है। इसके अलावा तमाम किसान किराए के वाहनों से गन्ना लेकर मिल पर पहुंचे हैं। इन किसानों पर किराए का बोझ बढ़ रहा है। 500 रुपये प्रतिदिन ट्रैक्टर ट्रॉली का किराया जा रहा है। जो किसान 8-10 दिनों से मिल के बाहर परेशान खड़े हैं उनके गन्ने से मिलने वाला भुगतान तो किराए में ही चला जाएगा। परेशान किसानों में मिल के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है। गुरुवार को तमाम किसानों ने न्यौली चीनी मिल के बाहर प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जाहिर किया। इधर प्रतिदिन गन्ना पहुंचने से वाहनों की कतारें भी बढ़ रहीं हैं। मिल में वाहन खड़े करने का मैदान पूरी तरह भर गया है। उसके बाद कासगंज-बरेली मुख्य मार्ग पर गन्ना वाहनों की लंबी लंबी कतारें लगीं हैं। रात्रि के समय मुख्य मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। इधर मिल ने दावा किया है कि जल्द ही संचालन शुरू कर दिया जाएगा। खराब टरबाइन को गाजियाबाद से बदलवा लिया गया है। गुरुवार शाम तक मिल का संचालन नहीं हो सका था।
पलट गई ट्रॉली
कासगंज। मिल के बाहर इतनी अव्यवस्था है कि वहां वाहन खड़े नहीं हो पा रहे। मिल के सुरक्षाकर्मी वाहनों को कतारबद्ध खड़े नहीं करा रहे हैं। गन्ने से भरे दो ट्रैक्टर ट्रॉली एक स्थान पर फंस गए। ट्रॉली निकालने के प्रयास में एक ट्रॉली पलट भी गई। भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष श्यामवीर सिंह ने बताया कि मिल के अधिकारियों से बातचीत की गई। यदि समस्या का समाधान न हुआ तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
किसानों की बात
- 7 दिनों से मिल के बाहर गन्ने की बिक्री की उम्मीद में खड़े हुए हैं, लेकिन खरीद पूरी तरह बंद है। खान पान की भी समस्या हो रही है। सड़क किनारे रात गुजारनी पड़ रही है।- योगेश कुमार, उढ़ेर।
- मिल यदि सही नहीं हो पा रही है। यह अलग विषय है, लेकिन खरीद होनी चाहिए। जिससे किसान खेतीबाड़ी के अन्य काम हो सकें, लेकिन मिल मनमानी पर उतारू हैं।- सुमन देव, लहरा।
- न्यौली चीनी मिल के ग्रुप की एक शाखा बिसौली में भी है। यदि यहां खरीद नहीं हो पा रही तो किसानों की पर्चियां बिसौली मिल के लिए स्वीकृत कर दी जाएं।- कैलाश चदं्र, भरतपुर।
- अब तो हद होती जा रही है। मिल के अधिकारी कुछ भी जवाब देने को तैयार नहीं हैं। सूखकर गन्ने का वजन कम हो गया है। किसानों को नुकसान हो रहा है।- योगेंद्र कुमार, शाहपुर।
वर्जन-
- मिल में पहले बॉयलर खराब था अब टरबाइन खराब हो गई है। टरबाइन की खामी दूर भी कर ली गई, लेकिन देर रात तक टरबाइन काम करना शुरू करेगी। फिर गन्ना खरीद होगी- ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
- रातभर इंजीनियर की टीम ने मिल की खामी दूर करने के लिए काम किया है। वह स्वयं निगरानी बनाए हुए हैं। खामी दूर हो गई है मिल संचालन रात तक हो जाएगा- अनिल यादव, महाप्रबंधक, तकनीक, न्यौली मिल।