कासगंज। विद्यालयों में भोजन बनाने वाली रसोईयों को 6 माह से मानदेय नहीं मिला है। प्राथमिक शिक्षक संघ रसोईयों की मांग को लेकर बीएसए व लेखाधिकारी से मिला। कोषागार में ईकुबेर प्रणाली में मानदेय लटक गया। इसके अलावा शिक्षकों को वेतन भी नहीं मिला है।
जिले के स्कूलों में 2 हजार से अधिक रसोईयां हैं। इन रसोईयों को एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, लेकिन 6 माह से किसी भी रसोईया को मानदेय नहीं मिल पाया। पहले तो शासन ने मिड डे मील योजना के तहत ग्रांट नहीं भेजी, नवंबर माह में शासन से धनराशि मिली तो शिक्षा विभाग पत्रावली तैयार नहीं कर सका। रसोईयों की परेशानी को देखते हुए दो सप्ताह पहले शिक्षक संघ ने विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन दिया फिर मानदेय की पत्रावली तैयार हुई। डीएम आरपी सिंह से अनुमोदन के बाद यह पत्रावली कोषागार पहुंची, लेकिन कोषागार में ईकुबेर प्रणाली ने मानदेय में रुकावट पैदा कर दी। ई-कुबेर प्रणाली के तहत शिक्षकों को वेतन, रसोईयों को मानदेय एवं एमडीएम की कन्वर्जन कास्ट का ऑनलाइन विवरण जुटाया जा रहा है। सभी खातों को इस प्रणाली में जोड़ा जा रहा है जिससे बेसिक शिक्षा विभाग का भुगतान लटक गया है।
4300 शिक्षकों को नहीं मिला वेतन।
2 हजार से अधिक रसोईयों को नहीं मिला मानदेय।
2400 खातों में पहुंचनी है मध्याह्न भोजन की धनराशि।
- 1447 स्कूलों में तैनात हैं रसोईयां।
ईकुबेर प्रणाली के तहत अधिकांश काम पूरा कर लिया गया है। शिक्षकों, रसोईयों और मध्याह्न भोजन के खातों को प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। इसी सप्ताह भुगतान कर दिया जाएगा। संदीप कुमार, लेखाधिकारी।