एटा। जिले के विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी जमकर चल रही है। निलंबन जैसी कार्रवाइयों के बाद भी कर्मचारी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं है। हद तो तब है पालिका अधिकारी डीएम के निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
विकास भवन स्थित जिला पंचायतराज विभाग में बाबू निलंबन के बाद भी काम कर रहा है। बताया जाता है कि हाईकोर्ट से जिरसमी ग्राम पंचायत के मामले में डीएम को मिले नोटिस के बाद डीएम ने बाबू को निलंबित करने के निर्देश दिए थे जिसके बाद डीपीआरओ ने बाबू को निलंबित कर दिया। कुछ दिनों तक मामला शांत रहा। सूत्र बताते हैं कि डीपीआरओ ने बाबू को फिर से कार्यालय में बुला लिया है। निलंबित बाबू से काम कराने को लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। साथ ही डीएम के निर्देशों को डीपीआरओ ने हवा में उड़ा दिया है। बाबू के कार्यालय में बैठने को लेकर कर्मचारियों में चर्चा का आलम है।
धीमी हुई काम की रफ्तार
जिला पंचायत राज विभाग में काम की रफ्तार धीमी चल रही है। अब तक ग्राम पंचायतों की प्रिया सॉफ्ट पूरी नहीं हो सकी है। साथ ही डीआरजी ग्रुप का प्रशिक्षण भी नहीं हुआ है। इसके अलावा जांचों के काम भी लटके पड़े हैं।
बना बहाली के निलंबित बाबू से काम कराना गलत है। अगर ऐसा हो रहा है तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ