फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देशी गायों के पालन से मालामाल होंगे पशुपालक

विज्ञापन
देशी गायों के पालन से मालामाल होंगे पशुपालक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एटा। जो देशी गाय अब तक आवारा सड़कों पर विचरण करती देखीं जातीं थीं। उन गायों के प्रति पशु पालकों का रुझान अब बढ़ने लगेगा। इसके लिए प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिले में चार बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) की शाखा स्थापित कराई जा रहीं हैं। इन बीएमसी पर सिर्फ देशी गायों का ही दूध चार-पांच रुपये महंगे दामों पर खरीदा जाएगा। इससे जहां देशी गायों की हो रही दुर्दशा में कमी आएगी वहीं पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी।
विज्ञापन

इन गांव में स्थापित की जा रही शाखा
एटा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शीतलपुर ब्लॉक के भानपुर और मरजातपुर, सकीट ब्लॉक के जोगपुरा और मारहरा ब्लॉक के गडौली गांव में बीएमसी शाखा स्थापित की जा रही है। इन सभी बीएमसी एक एक हजार लीटर की क्षमता के होंगे।
विज्ञापन

बीएमसी से कन्नौज जाएगा दूध
जिले के चारों बीएमसी से एकत्र होने वाला दूध कन्नौज भेजा जाएगा। जहां एक लाख लीटर का काऊ मिल्क प्लांट की स्थापना हो रही है। बताते चलें कि
जिले अभी तक में 27 चिलिंग प्लांट है, जहां साढ़े तीन लाख लीटर से अधिक दूध की खरीद की जाती है। जिसमें गाय और भैंस दोनों का मिला हुआ है।
गोपालकों की बात
गाय को दूध अभी तक सस्ता ही खरीदा जाता था। अगर बीएमसी पर महंगा खरीदा जाएगा तो यह अच्छी खबर है। - राम प्रकाश, नगला गुलाबी
गाय का दूध पौष्टिक भी होता है। अभी तक गाय का दूध सस्ता होने से लोगों का देशी गाय का दूध मुहैया नहीं हो पाता था। - बाबूलाल, जरानी खुर्द
देशी गायों के दूध की शाखा से पशुपालकों को भी अच्छा खासा रोजगार मिलेगा। वैसे देशी गाय के दूध की मांग कम रहती है। - प्रवीन कुमार, सिराम
जिले में चार ब्रांच स्थापित होना बड़ी बात है। इससे जिले के विकास को पंख लगेंगे। साथ ही पशुपालकों को भी रोजगार मिलेगा। - भूपेंद्र यादव, शीतलपुर
आंकड़ों पर नजर
04 बीएमसी की शाखा होंगी स्थापित
1000 लीटर क्षमता के होगी एक बीएमसी
27 चिलिंग प्लांट है जिले में
3.50 लाख लीटर से अधिक दूध की होती है उत्पादन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें