एटा। एक अक्तूबर से जीएसटी में टीडीएस कटौती प्रावधान लागू होगा। इसके अंतर्गत सभी सरकारी विभागों को ढाई लाख रुपये से अधिक की वस्तु एवं सेवाओं पर दो प्रतिशत का कर देय होगा। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है।
पोर्टल के अभाव में लंबित टीडीएस कटौती व्यवस्था सोमवार अर्थात एक अक्तूबर से शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही सभी विभागों में ढाई लाख रुपये से अधिक के कार्य एवं खरीद फरोख्त पर दो प्रतिशत का कर देय होगा। ई-व्यवस्था के अंतर्गत आहरण वितरण अधिकारी को पांच दिन के अंदर टीडीएस कटौती का प्रमाणपत्र जारी करना होगा।
साथ ही अगले माह की दस तारीख तक रिटर्न दाखिल कर काटा गया कर बैंक में जमा करना होगा। पांच दिन में प्रमाणपत्र जारी न करने अथवा अगले माह के प्रथम दस दिन में कर जमा न करने पर कटौती करने वाली संस्था को अलग-अलग दो सौ रुपये प्रतिदिन अथवा अधिकतम दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड देना होगा।
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64 विभागों में से मात्र दो का पंजीकरण
आदेश के बाद भी जिले के सरकारी विभाग जीएसटी पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। ऐसे में सोमवार से लागू नए प्रावधान का पालन कैसे हो सकेगा? वाणिज्य कर विभाग के अनुसार जिले में संचालित 64 विभागों में से अभी तक मात्र 12 का ही जीएसटी पंजीकरण हैं।
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जीएसटी की धारा 51 के अंतर्गत ढाई लाख रुपये वार्षिक से अधिक की खरीद, ठेकेदारी अथवा अन्य सेवाओं पर दो प्रतिशत का टीडीएस देय होगा। इनमें एक प्रतिशत एसजीएसटी(स्टेट जीएसटी) व एक प्रतिशत सीजीएसटी (सेंट्रल जीएसटी) देय होगा। पांच दिन के अंदर कटौती प्रमाणपत्र एवं अगले माह के प्रथम दस दिनों के अंदर ई रिटर्न के साथ उक्त कर सरकारी कोष में जमा न करने पर दस हजार तक का अर्थदंड देना होगा
-जितेंद्र कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर एवं नोडल अधिकारी जीएसटी