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बुखार में तीन और मरीजों ने तोड़ा दम

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मैनपुरी/दन्नाहार/बेवर। जिले में संक्रामक बीमारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुखार, डायरिया और सांस से पीड़ित मरीजों की लगातार मौतें हो रही हैं।
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सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे बुखार से पीड़ित तीन मरीजों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही जिले में संक्रामक बीमारियों से इस माह मरने वालों की संख्या 24 हो गई है।


जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। यहां 63 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव भटानी निवासी 62 वर्षीय अशोक कुमार को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
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यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार उन्हें पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। वे एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे।


दन्नाहार क्षेत्र के ही गांव कीरतपुर निवासी 80 वर्षीय चेतराम को भी पिछले दिनों से बुखार आ रहा था। सोमवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।


यहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। बेवर के मोहल्ला काजीटोला निवासी मोहनलाल की 50 वर्षीय पत्नी ऊषा देवी को भी पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था।


उनका भी परिजन एक निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। सोमवार को उनकी हालत बिगड़ी परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


यदि आप जिला अस्पताल में यह सोचकर उपचार कराने जा रहे हैं कि वहां दवा मुफ्त मिलेगी तो आप को निराश ही लौटना पड़ेगा। जिला अस्पताल में जीवन रक्षक दवाइयां नहीं हैं।


यहीं नहीं जिला अस्पताल में ही खोले गए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर भी दवाइयां नहीं हैं। इसलिए आप यदि जिला अस्पताल में उपचार कराने जाएं तो रुपये साथ ले जाएं आपको दवाइयां बाजार से ही खरीदनी पड़ेंगीं।
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जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को सस्ती दर पर बाजार में मिलने वाली दवाइयां दिलाई जाएं इसके लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की स्थापना की गई है। यहां भी दवाइयां नहीं हैं।


केंद्र के संचालक अजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार को दवाइयों का स्टॉक आने वाला है।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के खुलने से यह सोचा था कि यहां सस्ती दर पर दवाइयां मिलेंगी। डॉक्टर भी यहीं भेजते हैं, लेकिन यहां दवाइयां ही नहीं हैं।
गोविंद कुमार, निवासी सगामई


प्रधानमंत्री दावे तो बड़े-बड़े कर रहे हैं, योजना भी लागू कर रहे हैं, लेकिन जब डॉक्टर और दवाइयां ही नहीं होंगी तो लोगों को बेहतर उपचार कैसे मिलेगा।
धर्म सिंह, निवासी नगला पंची भोगांव


आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि दवाइयों की समस्या खड़ी हो रही है।
डॉ. आरके सागर, सीएमएस।
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