मीडियम फ्लड से मिली निजात, अब लो फ्लड के हालात
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कासगंज। बाढ़ प्रभावित इलाकों को मीडियम फ्लड से निजात मिल चुकी है लेकिन अब भी लो फ्लड की स्थिति बनी हुई है। जगह-जगह ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी ठहरा हुआ है जिसकी निकासी बनाने में ग्रामीण जुटे हुए हैं। वहीं संक्रामक रोगों का प्रकोप बाढ़ प्रभावित इलाकों में बना हुआ है। जगह-जगह बाढ़ का पानी भरा होने के कारण आवाजाही की दिक्कतें अभी भी हैं।
जिले में पिछले 16 दिनों से मीडियम फ्लड का कहर लगातार बना हुआ था जिसके कारण ग्रामीण इलाकों में बाढ़ से त्राहि-त्राहि मची थी। अब सोमवार को गंगा का डिस्चार्ज मीडियम फ्लड लेबिल से घटकर लो फ्लड लेबिल पर पहुंच गया है। नरौरा से 1.24 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। कछला गंगा पुल पर 163.20 मीटर के निशान पर गंगा का जलस्तर दर्ज किया गया। सोमवार को पानी कम होने के कारण बाढ़ पीड़ितों को राहत की उम्मीद जगी है। अब ग्रामीण बाढ़ के पानी की निकासी के लिए जगह-जगह रास्ते काटकर बना रहे हैं। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी संक्रामक रोगों के प्रकोप को लेकर है। तमाम ग्रामीण वायरल, डायरिया आदि बीमारियों की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अब तक ढाई सौ से अधिक मरीजों का परीक्षण करके दवाएं वितरित कर चुकीं हैं। बाढ़ पीड़ित इलाकों में फसलों की तबाही देखकर किसानों पर दुखों का पहाड़ टूटा हुआ है। खेतों में फसलें पीली पड़ी हुईं हैं। पानी भरा होने के कारण अभी तक क्षति का आकलन भी नहीं हो पा रहा है। जिससे पीड़ितों को सहायता भी नहीं मिल पा रही। स्थिति लगातार बिगड़ रही है। बाढ़ पीड़ित मजदूरी के लिए भी नहीं निकल पा रहे जिससे उन्हें परिवार के पोषण की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। अभी तक कटे हुए मार्गों की मरम्मत का कार्य भी नहीं किया गया है।
डिस्चार्ज-
नरौरा- 124392 क्यूसेक
बिजनौर- 65038 क्यूसेक
हरिद्वार- 52750 क्यूसेक
कछला गेज- 163.20 मीटर के निशान पर
- गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। मीडियम फ्लड के हालातों से निजात मिली है। लो फ्लड के हालात बरकरार हैं। अभी जलस्तर में और कमी आएगी। शीघ्र ही बाढ़ से निजात मिलेगी। एके सिंह, सहायक बाढ़ प्रभारी
बाढ़ प्रभावित गांव में गिरा मकान, बाल बाल बचे परिवारीजन
कासगंज। पटियाली तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव सिकंदरपुर ढाव में एक कच्चे मकान की छत भरभराकर गिर पड़ी, लेकिन गनीमत यह रही कि परिवार का कोई सदस्य इस हादसे का शिकार नहीं हुआ। घरेलू सामान दबकर नष्ट हो गया।
यह हादसा सुबह 6 बजे राजेंद्र सिंह मकान पर हुआ। मकान की छत लकड़ी और मिट्टी की बनी हुई थी। लगातार हुई बारिश के कारण मिट्टी पूरी गीली थी और उसका वजन भी काफी बढ़ गया। छत पर लगी लकडिय़ां कमजोर पडने लगीं। हादसे की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है।